25 साल की उम्र में कुछ इस तरह भोजपुरी फिल्मों में धमाल मचा रहा यह शख्स

भोजपुरी फिल्म 'जिद्दी आशिक', 'तू ही तो मेरी जान है राधा', 'दीवाना 2', 'गदर', 'निरहुआ सटल रहे', 'धड़कन', 'भोजपुरिया राजा', 'सत्या', 'पवन राजा वांटेड', 'तू ही तो मेरी जान है राधा 2', आदि फिल्मों का डायलॉग लिख चुके हैं वीरू ठाकुर.

25 साल की उम्र में कुछ इस तरह भोजपुरी फिल्मों में धमाल मचा रहा यह शख्स
वीरू ठाकुर की बतौर लेखक पहली फिल्म ‘भोजपुरिया राजा’ थी.

नई दिल्ली: 'फिल्म हिट तो सब फिट' यह लाइन फिल्मी दुनिया में काफी मशहूर है. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में आए दिन फिल्में बनती रहती हैं और हिट भी होती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म के हिट होने में उसकी कहानी का कितना बड़ा योगदान होता है? अगर फिल्म की कहानी अच्छी न हो तो, सुपरस्टार की फिल्म भी फ्लॉप हो जाती है. भोजपुरी इंडस्ट्री में वीरू ठाकुर एक ऐसा नाम है, जो लगातार हिट पर हिट फिल्म दे रहे हैं. कई हिट फिल्में लिखने वाले वीरू का जन्म नेपाल के जनकपुर अंचल अंतर्गत सर्लाही जिला (दुलवा गांव) में हुआ है. 

साल 2015 से फिल्मों में सक्रीय हैं वीरू
इनकी प्रारंभिक शिक्षा नेपाल के बीरगंज स्थित ठाकुर राम बहुमुखी कैम्पस से हुई है. उनके पिता राम ध्यान ठाकुर पेशे से किसान हैं और माता बच्चीया देवी गृहिणी हैं. वीरू ने अपने कैरियर की शुरुआत एक अकाउंटेंट के रूप में किया था, लेकिन फिल्मों में रूचि होने के कारण उन्होंने मुंबई की ओर रुख किया. वीरू साल 2015 से फिल्मों में सक्रीय हैं. वीरू ठाकुर की बतौर लेखक पहली फिल्म ‘भोजपुरिया राजा’ थी, जिसे पवन सिंह और काजल राघवानी को लेकर सुजीत कुमार सिंह के निर्देशन में तथा वसुंधरा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया था.

अब तक 25 फिल्मों में कर चुके हैं काम
अपनी कलमी पावर से अब तक इन्होंने 25 फिल्मों का सफरनामा तय किया है, जिसमें प्रमुख 'जिद्दी आशिक', 'तू ही तो मेरी जान है राधा', 'दीवाना 2', 'गदर', 'निरहुआ सटल रहे', 'धड़कन', 'भोजपुरिया राजा', 'सत्या', 'पवन राजा वांटेड', 'तू ही तो मेरी जान है राधा 2', आदि फिल्मों का डायलॉग लिख चुके हैं. वीरू की कई फिल्में फ्लोर पर हैं, जिसमें 'बॉस', 'राजा', 'शेर सिंह', 'मैं नागिन तू सपेरा', 'मजनुआ', 'जीत', 'यारा तेरी यारी', 'राजा रिक्शावाला' आदि व अन्य फिल्में शामिल है और नई फिल्म ‘क्रेक फाईटर’ पर वह काम कर रहे हैं. 25 साल की उम्र में इतनी सारी फिल्मों का डायलॉग और कथा-पटकथा लिखना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. वैसे आपको बता दें कि वह कुछ अभिनेताओं के चुनिंदा लेखक माने जाते हैं, जो अपनी लेखनी के दम पर सभी के दिलो में खास जगह बना चुके हैं.

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