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रिलीज से पहले सनोज मिश्रा की फिल्‍म ‘राम की जन्मभूमि’ पर गहराया विवाद

फिल्मकार सनोज मिश्रा को अपनी फिल्‍म रिलीज करने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

रिलीज से पहले सनोज मिश्रा की फिल्‍म ‘राम की जन्मभूमि’ पर गहराया विवाद
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली : इन दिनों देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है, जिससे कोई भी अछूता नहीं रह गया है. ऐसे में फिल्मकार सनोज मिश्रा को अपनी फिल्‍म रिलीज करने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, सनोज मिश्रा निर्देशित फिल्म ‘राम की जन्मभूमि’ चुनाव के ठीक पहले रिलीज होनी है, लेकिन फिल्‍म को लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है. 

फिल्‍म को लेकर देश भर में एक अलग तरह की विरोध और प्रतिक्रियाएं दर्ज हो रही हैं. दो दिन पहले भोपाल में उलेमा काउंसिल ने फिल्म को बैन करने की शासन से सिफारिश की है. वहीं, अलीगढ़, बुलंदशहर, नाशिक, अहमदनगर, बलिया, लखनऊ सहित देश के कई हिस्सों में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने फिल्म का बहिष्कार करने का फतवा जारी कर दिया है. वहीं, कुछ समुदाय विशेष द्वारा सनोज मिश्रा के घर को घेर कर दो – ढ़ाई सौ लोगों ने निशाना भी बनाया था. लेकिन प्रशासन की मुस्‍तैदी की वजह से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो सके. 

वैसे तो यह फिल्म अपने निर्माण काल से ही चर्चा और विवादों का विषय रही है. फिल्म के निर्माता शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी हैं, जो खुद अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में शुरू से ही आंदोलन करते आए हैं. उनकी वजह से यह फिल्म विवादों का शिकार है और तमाम कानूनी लड़ाई के बाद फिल्म प्रदर्शित होने जा रही है. लोगों का आरोप है कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस फिल्म को ऐसे समय में रिलीज कर रहे हैं, जब देश में आम चुनाव हैं. 

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उधर, कई लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि फिल्म के पीछे सत्ताधारी पार्टी के हाथ होने की आशंका है. लेकिन जब फिल्म के निर्देशक सनोज मिश्र से इस बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह फिल्म के निर्माता और लेखक वसीम रिजवी की विचारधारा से सहमत और प्रभावित हैं. वसीम रिजवी की सोच एक राष्ट्रवादी मुस्लिम की सोच है. वह समाज में भेदभाव नहीं चाहते और कट्टरता नहीं चाहते हैं. धर्म तथा समाज में व्याप्त बुराइयों का वह खुलकर विरोध करते हैं, जिस पर बोलने की पूरी दुनिया में किसी की हिम्मत नहीं होती.  इसलिए वह इस फिल्म के निर्देशन से लेकर प्रचार-प्रसार तक लगे हैं. ताकि यह फिल्म जनमानस तक पहुंच कर वसीम रिजवी की सोच को लोगों तक पहुंचाएं. 

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सनोज ने कहा कि ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों जो किसी धर्म के ना होकर सामाजिक बुराइयां हैं, उन पर भी जागरूकता पैदा की जाए. इस मुद्दे को लेकर उनका मानना है कि मुस्लिम महिलाएं उनका पूरा सपोर्ट कर रही हैं. सनोज मिश्रा पिछले 20 25 सालों से फिल्म निर्देशन में सक्रिय हैं. सामाजिक और राजनैतिक विषय उनके पसंदीदा फिल्मी सब्जेक्ट होते हैं. फिल्म में राजवीर सिंह नाज़नीन पत्नी गोविंद नामदेव मनोज जोशी रतन राठौर आदित्य रॉय सहित तमाम कलाकारों ने काम किया है. 

फिल्म के सह निर्माता विवेक अग्रवाल और अन्य है संगीत अली फैजल छायाकार नीतू इकबाल सिंह और संदीप त्यागी एक्शन एजाज शेख कला निर्देशक भूपेश सालसकर, कोरियोग्राफर रेमो डब्‍बू हैं.

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