पाकिस्‍तान: बिग बी और माधुरी दीक्षित के नाम पर मांगे जा रहे वोट

मुल्‍तान से खड़े पीटीआई प्रत्‍याशी अब्‍बास डागर के पोस्‍टर में अमिताभ बच्‍चन और माधुरी दीक्षित के अपेक्षाकृत युवा दिनों की तस्‍वीरों ने लोगों का ध्‍यान खींचा है.

पाकिस्‍तान: बिग बी और माधुरी दीक्षित के नाम पर मांगे जा रहे वोट
मुल्‍तान से पीटीआई उम्‍मीदवार अब्‍बास डागर का पोस्‍टर.

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान के हर चुनाव में भारत खास महत्‍व रखता है. लगभग सभी दल और प्रत्‍याशी भारत विरोध के नाम पर वोट मांगते हैं. इस बार भारत विरोध थोड़ा कम है लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के विरोध के नाम पर वोट अधिक मांगे जा रहे हैं. सिर्फ इतना ही बॉलीवुड की हस्तियां और गाने भी पाक चुनाव प्रचार का अहम हिस्‍सा होते हैं. इसकी बानगी इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक प्रत्‍याशी के पोस्‍टर में देखने में देखने को मिलती है.

मुल्‍तान से खड़े पीटीआई प्रत्‍याशी अब्‍बास डागर के पोस्‍टर में अमिताभ बच्‍चन और माधुरी दीक्षित के अपेक्षाकृत युवा दिनों की तस्‍वीरों ने लोगों का ध्‍यान खींचा है. देखते ही देखते ये इंटरनेट पर सनसनी मचाता हुआ वायरल हो गया है. कहा जा रहा है कि डागर बिगबी और माधुरी के बहुत जबर्दस्‍त फैन हैं. इसलिए चुनाव प्रचार में अपने फोटो के साथ इनकी तस्‍वीरें लगाकर वोट मांगने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं.

इमरान खान की अगुआई वाली पीटीआई का चुनाव निशान बैट है. इस लिहाज से पोस्‍टर में चुनाव निशान के साथ पीटीआई लिखा है. इस पोस्‍टर में एक अहम बात यह भी है कि इसमें एक मासूम बच्‍चे का भी फोटो है.

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इमरान खान को मामूली बढ़त: ओपिनियन सर्वे
इस बीच पाकिस्‍तान में 25 जुलाई को होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर बुधवार को जारी हुए एक ओपिनियन सर्वे में क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को बाकी दलों पर मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. इसके बाद दूसरे नंबर पर नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को माना जा रहा है. इन्‍हीं दोनों दलों के बीच इस बार कांटे का मुकाबला माना जा रहा है.

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लेकिन इस सर्वे के मुताबिक पंजाब प्रांत से ताल्‍लुक रखने वाले 14 प्रतिशत लोगों ने अपना कोई मत जाहिर नहीं किया. विश्‍लेषकों के मुताबिक वोटरों के इसी समूह के पास ही 2018 के आम चुनावों की वास्‍तविक चाबी मानी जा रही है. ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि पंजाब, पीएमएल-एन का गढ़ माना जाता है. इस बार नवाज शरीफ के जेल के बाद इस पार्टी के नेता शहबाज शरीफ हैं जो पंजाब के लंबे समय तक मुख्‍यमंत्री रहे हैं. दूसरी बड़ी बात यह है कि पंजाब प्रांत में ही नेशनल असेंबली की सबसे ज्‍यादा सीटें हैं.

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पंजाब प्रांत में सबसे ज्‍यादा सीटें
पंजाब प्रांत की आबादी 10 करोड़ से ज्‍यादा है. नेशनल असेंबली की कुल 272 सीटों में से 141 सीटें देश के सबसे सघन आबादी वाले राज्य पंजाब से आती हैं. राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सैयद फारूक हसनत के मुताबिक, ''जिस किसी को पंजाब में ज्यादा सीटें मिलेंगी वह केंद्र में सरकार बनाएगा.'' 2013 में हुए चुनावों में पीएमएल-एन को पंजाब में भारी जीत मिली थी लेकिन इस बार पीएमएल-एन और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच कड़ी टक्कर है. हसनत ने कहा, ''मेरा मानना है कि पंजाब में पीटीआई अभी पीएमएल - एन से आगे है , कितना आगे है यह 25 जुलाई को पता चलेगा.'' पाकिस्तान में पुख्ता गठबंधन सरकार बनाने के लिये पीटीआई को कम से कम 110 नेशनल असेंबली सीटों की जरूरत है. सरकार बनाने के लिये किसी पार्टी को करीब 140 सीटों की जरूरत है.