KBC की शुरुआत के साथ ही अमिताभ बच्चन के स्टारडम का हुआ था पुनर्जन्म

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि केबीसी ने उन्हें पुनरुत्थान के साथ ही एक ब्रांड के तौर पर तब स्थापित किया है जब वह बॉलीवुड में अपने करियर को लेकर संघर्ष कर रहे थे.

KBC की शुरुआत के साथ ही अमिताभ बच्चन के स्टारडम का हुआ था पुनर्जन्म
केबीसी के करियर के उतार-चढ़ाव में आए ठहराव 'अड़े रहो' को अच्छी तरह से परिभाषित करता है (फोटो साभारः इंस्टाग्राम, अमिताभ बच्चन)

नई दिल्ली: यह देखना काफी दिलचस्प है कि 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) सीजन 11 की टैगलाइन 'अड़े रहो' ने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के 50 साल के करियर के दौरान उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा को काफी सटीकता से परिभाषित किया है. इस सप्ताह केबीसी का 11वां सीजन समाप्त हो गया. वहीं बीते कुछ दिनों में अमिताभ बच्चन ने भी अपने गिरते स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की थी. ऐसे में उनके प्रशंसक यही दुआ कर रहे हैं कि बिग बी अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से उबरकर अगले साल भी केबीसी सीजन की हॉट सीट को संभालें.

 
 
 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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हालांकि, इस सीजन के समाप्ति के पीछे भी उनके गिरते स्वास्थ्य को जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं बिग बी ने भी 27/28 नवंबर को अपने ब्लॉग में लिखा था कि, "मुझे अब रिटायर हो जाना चाहिए, क्योंकि दिमाग कुछ और कह रहा है और उंगलियां कुछ और कर रही हैं, यह संकेत है." इसके अलावा ध्यान देने वाली बात यह है कि बीते कुछ व्यस्त रहे सालों में बिग बी के करियर ग्राफ ने महत्वपूर्ण ऊंचाइयों को अंकित किया है. हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि केबीसी ने उन्हें पुनरुत्थान के साथ ही एक ब्रांड के तौर पर तब स्थापित किया है जब वह बॉलीवुड में अपने करियर को लेकर संघर्ष कर रहे थे.

 
 
 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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केबीसी की शुरुआत के साथ ही बिग बी के स्टारडम का पुनर्जन्म हुआ. सत्तर और अस्सी के दशक में एक्शन और ड्रामा को नए सिरे से परिभाषित करने वाले 'एंग्री यंग मैन' अचानक घर-घर के मनोरंजन को फिर से परिभाषित करने लगे. उनके केबीसी के सफर और करियर के उतार-चढ़ाव में आए ठहराव 'अड़े रहो' को अच्छी तरह से परिभाषित करता है.

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