जब अटल बिहारी वाजपेयी को उनके घर जाकर दिया गया था 'बेस्‍ट लिरिक्‍स' का स्‍क्रीन अवॉर्ड

यह पुरस्‍कार उन्‍हें 2000 में उन्‍हें दिया गया था. उन्‍हें अपनी म्‍यूजिक एलबम 'नई दिशा' के लिए स्‍क्रीन अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.

जब अटल बिहारी वाजपेयी को उनके घर जाकर दिया गया था 'बेस्‍ट लिरिक्‍स' का स्‍क्रीन अवॉर्ड
फोटो साभार @BombayBasanti/Twitter

नई दिल्‍ली: 'एक दिन ऐसा आएगा जब कोई भी व्‍यक्ति पूर्व-प्रधानमंत्री बन जाएगा, लेकिन आप कभी भी पूर्व-कवि नहीं बनेंगे..' यह कहना था राजनीति के अजातश‍त्रु कहलाने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का, जो आज जितनी अपनी राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं, उतना ही अपनी कविताओं के लिए याद किए जाते हैं. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री रहते हुए अटल जी को सिर्फ कई सम्‍मान ही नहीं मिले, बल्कि उन्‍हें अपनी म्‍यूजिक एलबम 'नई दिशा' के लिए स्‍क्रीन अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.

यह पुरस्‍कार उन्‍हें 2000 में उन्‍हें दिया गया था. इंडियन एक्‍सप्रेस की खबर के अनुसार 'नई दिशा' 1999 में आई एलबम थी जिसके गाने अटल बिहारी वाजपेयी ने लिखे थे, जबकि इन गानों को गाया था गजल गायक जगजीत सिंह ने. इस एलबम में एक गाना था 'आओ फिर से दिया जलाये..' जिसे अटल जी ने लिखा था.

वाजपेयी जी अपनी व्‍यस्‍तताओं के चलते इस अवॉर्ड फंक्‍शन में नहीं पहुंच पाए थे. जिसके बाद इंडियन एक्‍सप्रेस ग्रुप की अनन्‍या गोयंका उनके घर उन्‍हें उनका 'बेस्‍ट नॉन-फिल्‍मी लिरिक्‍स' पुरस्‍कार देने उनके घर गई थीं. बता दें कि अटल जी का कविता प्रेम किसी से छिपा नहीं है और उनकी कविताएं आज भी लोकप्रिय हैं.

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