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'विक्रम लैंडर' के लिए केवल हम ही नहीं परेशान, ब्रैड पिट ने तो एस्ट्रोनॉट को लगा दिया फोन

ब्रैड पिट ने नासा (NASA) के एस्ट्रोनॉट निक हॉज को इंटरनेश्नल स्पेस स्टेशन (ISS)में फोन किया और उनसे भारत के चंद्रयान-2 के बारे बातचीत की

'विक्रम लैंडर' के लिए केवल हम ही नहीं परेशान, ब्रैड पिट ने तो एस्ट्रोनॉट को लगा दिया फोन
फोटो-@NASA

नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) द्वारा चंद्रमा पर भेजे गए चंद्रयान-2 के 'लैंडर विक्रम' (Lander Vikram) से संपर्क होने का इंतजार केवल भारत में ही नहीं दुनियाभर के लोगों को है. इस फेहरिस्त में हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ब्रैड पिट का नाम भी शामिल हो गया है. ब्रैड पिट ने एक बार लोगों की दिलचस्पी भारत के मिशन मून की तरफ बढ़ा दी है. अपनी आने वाली फिल्म एड एस्ट्रा (AD ASTRA)में एस्ट्रोनॉट की भूमिका में नजर आने वाले हॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता ने चंद्रमा पर इसरो द्वारा भेजे गए चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के बारे में पूछा. 

ब्रैड पिट ने नासा (NASA) के एस्ट्रोनॉट निक हॉज को इंटरनेश्नल स्पेस स्टेशन (ISS)में फोन किया और उनसे भारत के चंद्रयान-2 के बारे बातचीत की. ब्रैड पिट ने निक हॉज पूछा, 'क्या आपने भारत के चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर की लैंडिंग देखी थी? जिसे 7 सितंबर को चांद के साउथ पोल पर लैंड करना था.'  निक हॉज ने जवाब दिया- दुर्भाग्यवश नहीं. 

 

दरअसल ब्रैड पिट 20 सितंबर को रिलीज होने वाली अपनी फिल्म एड एस्ट्रा (AD ASTRA) के एक प्रमोश्नल इंवेंट के लिए नासा पहुंचे थे. ब्रैड पिट की यह फिल्म साइंस फिक्शन पर आधारित है. इस फिल्म में वह एक एस्ट्रोनॉट की भूमिका में है.

ब्रैड पिट द्वारा भारत के मिशन मून में रुचि दिखाए जाने की ट्विटर यूजर्स ने जमकर सराहना की. एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'यह जानकर आश्चर्य हुआ कि ब्रैड पिट भारत के मिशन मून' 

7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना था लेकिन उससे चंद मिनट पहले संपर्क टूट गया. जब वह चंद्रमा की सतह से 2.1 दूर था तभी उसका ग्राउंड स्‍टेशन से संपर्क टूट गया. अगर ये अभियान सफल हो जाता तो यूएसएसआर, अमेरिका और चीन के बाद चांद पर कामयाबी हासिल करने वाला भारत चौथा मुल्‍क होता. सिर्फ इतना ही नहीं चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत पहला मुल्‍क होता. हालांकि उससे पहले दो सितंबर को विक्रम लैंडर, चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक पृथक हो गया था.

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10  सितंबर को भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च संगठन (इसरो) ने 'विक्रम लैंडर' (Lander Vikram) के संबंध में मंगलवार को कहा कि उससे संपर्क स्‍थापित करने की सभी कोशिशें की जा रही हैं. अंतरिक्ष एजेंसी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ''चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर का पता लगा लिया है, लेकिन अभी तक उससे संपर्क नहीं हो सका है. उससे संपर्क स्‍थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं.'' इसरो ने हालांकि यह नहीं बताया कि चांद की सतह पर लैंडर इस समय किस स्थिति में है. इससे पहले सोमवार को इसरो (ISRO) ने कहा था कि चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) का लैंडर विक्रम (Lander vikram) चांद की सतह पर गिरने के बाद नहीं टूटा है. इसरो के सूत्रों ने कहा था कि लैंडर विक्रम को जैसे उतरना चाहिए था वैसे वह नहीं उतरा. इसरो ने कहा है कि लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिशें जारी हैं.