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हीरो से भी ज्यादा फीस लेते थे कॉमेडियन महमूद, राजेश खन्ना को मार दिया था थप्पड़

महमूद अली ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मी दुनिया में अपना कदम रखा था.

हीरो से भी ज्यादा फीस लेते थे कॉमेडियन महमूद, राजेश खन्ना को मार दिया था थप्पड़
अपने पचास साल के फिल्मी करियर में महमूद ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कॉमेडी किंग, एक्टर और डायरेक्टर महमूद अली का आज (29 सितंबर) को जन्मदिन है. महमूद फिल्मी दुनिया के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक थे जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. उनकी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें कई फिल्मों में हीरो से ज्यादा फीस दी गई. फिल्मों में कॉमेडियन का किरदार निभाने वाले महमूद गुस्सैल इतने थे कि एक बार उन्होंने सुपरस्टार राजेश खन्ना को फिल्म सेट पर थप्पड़ जड़ दिया था. इस मशहूर कॉमेडियन को लेकर और भी किस्से सुने जाते हैं...

महमूद अली का जन्म 29 सितंबर 1932 को लतिफन्निसा और मुमताज अली के घर हुआ था. उनके माता पिता 1950-60 के दशक में फेमस एक्टर और डांसर थे. उनकी बहन मीनू मुमताज उस जमाने की एक्ट्रेस-डांसर थीं.

खेल-खेल में किया डेब्यू
महमूद का फिल्मी दुनिया में डेब्यू खेलते-खेलते हुआ था. दरसअल, डायरेक्टर अशोक कुमार बॉम्बे टॉकीज प्रोडक्शन हाउस की फिल्म 'किस्मत'  की शूटिंग कर रहे थे और इसी फिल्म के लिए उन्हें एक चाइल्ड आर्टिस्ट कर जरूरत थी. उसी दौरान फिल्म के सेट के नजदीक ही एक नटखट बच्चा (महमूद) खेल रहा था और उस पर दादा मुनि यानी अशोक कुमार की नजर पड़ गई. यहीं से महमूद की फिल्म जगत में एंट्री हुई.

ड्राइवर भी बनना पड़ा
इसके बाद घर की तंग हालत के चलते उन्हें अदाकारी से दूर हटना पड़ा और वे नौकरी करने लगे. महमूद कई दिन तक फेमस प्रोड्यूर-डायरेक्टर राज कुमार संतोषी के पिता पीएल संतोषी के यहां ड्राइवर भी रहे. महमूद को पहला ब्रेक 1958 में आई फिल्म 'परवरिश' से मिला, जिसमें उन्होंने राज कपूर के भाई का रोल प्ले किया था.  इसके बाद उन्हें गुरु दत्त की 'सीआईडी' और 'प्यासा' में बतौर सहायक कलाकार ही काम करने का मौका मिला. फिल्म में लीड रोल न मिलने के बाद महमूद ने बतौर डायरेक्टर अपनी फिल्में बनाना शुरू कर दीं.


महमूद को तंगी के दिनों में पैसे कमाने के लिए मीना कुमारी को टेबल टेनिस भी सिखाई थी.

'काका' को थप्पड़ मारा
बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों में से एक काका यानी राजेश खन्ना को महमूद ने अपनी फिल्म 'जनता हवलदार' के लिए साइन किया था. फिल्म की शूटिंग महमूद के फॉर्म हाउस पर चल रही थी. इसी बीच, एक दिन महमूद के बेटे की किसी गुस्ताखी से फिल्म के हीरो काका नाराज हो गए और अपने अपमान का बदला लेने से सेट पर देर से आने लगे. शूटिंग में देरी होने लगी तो विवाद बढ़ गया और एक दिन बहसबाजी के बीच महमूद ने राजेश खन्ना को थप्पड़ जड़ दिया और कहा कि हमने पूरे पैसे दिए हैं, आपको शूटिंग पूरी करनी पड़ेगी. इसके बाद राजेश खन्ना शूटिंग पर टाइम से आने लगे थे.

हीरो से ज्यादा फीस मिलती थी
बॉलीवुड में एक वक्त ऐसा आया कि प्रोड्यूसर्स महमूद के लिए अपनी फिल्म में अलग से रोल रखने लगे थे ताकि फिल्म की ब्रांडिंग हो जाए. 1962 में प्रदीप कुमार और मीना कुमारी स्टारर फिल्म 'आरती' में महमूद के लिए विशेष तौर पर किरदार रखा गया था. बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए महमूद ने 7.5 लाख रुपए फीस ली जबकि उन्हें सिर्फ 14 दिन ही शूटिंग के लिए आना पड़ा था.


कॉमेडियन महमूद को पहली बार 300 रुपए फीस मिली थी.

अमिताभ बच्चन को कहा एहसान फरामोश
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जब बुरे दौर से गुजर रहे थे तो महमूद ने ही उन्हें अपनी फिल्म 'बॉम्बे टू गोवा' से बड़ा ब्रेक दिया था. अमिताभ को महमूद अपने सगे की तरह मानते थे. उनको लेकर अमिताभ बच्चन भी अपने ब्लॉग में लिख चुके हैं कि उनके करियर को ऊंचा उठाने में महमूद भाई की बहुत बड़ी भूमिका रही. हालांकि, दोनों के रिश्तों में उस वक्त कड़वाहट पैदा हो गई थी तब अस्पताल में भर्ती महमूद को अमिताभ बच्चन देखने तक नहीं गए थे. जबकि उसी 'ब्रिज कैंडी' अस्पताल में अमिताभ के पिता हरिवंशराय बच्चन भर्ती थे, जहां महमूद भी अपना इलाज करा रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महमूद ने अमिताभ को एहसान फरामोश तक कह दिया था.

दो शादियां, 7 बच्चे
महमूद की पहली शादी बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस मीना कुमारी की बहन मधु कुमारी से हुई थी, जिनसे चार बच्चों का जन्म हुआ. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रख्यात संगीतकार और गायक लकी अली उन्हीं के बेटे हैं. वहीं, एक अमेरिकन महिला ट्रैसी के साथ महमूद ने दूसरा विवाह रचाया, जिनसे तीन बच्चे पैदा हुए.


महमूद के बेटे सिंगर और कंपोजर लकी अली.

इन फिल्मों में निभाई यादगार भूमिका
मशहूर कॉमेडियन महमूद ने 'भूत बंगला' (1965) 'प्यार किये जा' (1966), 'लव इन टोक्यो' (1966),  'पड़ोसन' (1968) और 'बॉम्बे टू गोवा' में अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलो-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी. 23 जुलाई 2004 में दिल की बीमारी के इलाज के दौरान अमेरिका के एक अस्पताल में महमूद का निधन हो गया था.

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