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बर्थडे स्पेशल: जब एक्टिंग छोड़ ढाबे पर काम करने लगे थे संजय मिश्रा, बनाते थे ऑमलेट

संजय मिश्रा ने टीवी सीरियल 'चाणक्य' से अभिनय की शुरुआत की. संजय ने 2006 में लगातार एक के बाद एक एक सुपरहिट फिल्मों में काम किया, जिसमें 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' और 'धमाल' मुख्य रूप से शामिल हैं.

बर्थडे स्पेशल: जब एक्टिंग छोड़ ढाबे पर काम करने लगे थे संजय मिश्रा, बनाते थे ऑमलेट
संजय मिश्रा आज अपना 54वां जनम्दिन मना रहे हैं (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन संजय मिश्रा आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं. संजय के पिता शम्भुनाथ मिश्रा पेशे से जर्नलिस्ट थे जबकि उनके दादा डिस्ट्रीक्ट मजिस्ट्रेट थे. बिहार के दरभंगा में जन्मे सजंय जब 9 साल के थे तो उनकी फैमिली वाराणसी शिफ्ट हो गई थी.  संजय ने अपनी शिक्षा वाराणसी से केंद्रीय विद्यालय बीएचयू कैंपस से की. उसके बाद उन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी करने के बाद राष्ट्रीय ड्रामा स्कूल में प्रवेश किया और 1989 में स्नातक हो गए.

संजय मिश्रा ने टीवी सीरियल 'चाणक्य' से अभिनय की शुरुआत की. संजय ने 2006 में लगातार एक के बाद एक एक सुपरहिट फिल्मों में काम किया, जिसमें 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' और 'धमाल' मुख्य रूप से शामिल हैं. इसके अलावा संजय को 2015 की एक और हिट फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो' में काम करने का मौका मिला. संजय इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'बादशाहो' में भी अहम भूमिका में नजर आ चुके हैं. 

पिछले साल मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में संजय ने बताया था कि उनके पिता की मौत के बाद वह ऋषिकेश चले गए थे, जहां वह एक ढाबे पर काम करते थे और वहां ऑमलेट बनाते थे. उन्होंने इंटरव्यू में बताया था कि एक वक्त ऐसा था कि वह काफी बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पलात में एडमीट भी होना पड़ा था. उन्होंने बताया था कि उनके पेट से 15 लीटर मवाद निकाला गया था. 

संजय के ठीक होने के 15 दिन के बाद उनके पिता की मौत हो गई, जिसके बाद वह अंदर से काफी टूट गए थे और वह दौबारा मुंबई जाने नहीं चाहते थे. इसलिए वह ऋषिकेश चले गए थे और वहां उन्होंने एक ढाबे पर काम करना शुरू कर दिया था. इस ढाबे में वह ऑमलेट बनाने का काम किया करते थे. उन्होंने बताया था कि ढाबे का मालिक उन्हें नहीं पहचान पाया था, लेकिन कुछ लोग जो ढाबे पर खाने आते थे वह उनसे पूछा करते थे कि 'गोलमाल' में आप ही थे न? 

यहां तक कि कई लोग उनके साथ तस्वीरें भी खींचवाते थे. आखिरकार, ढाबे के मालिक ने उनसे यह पूछ ही लिया कि तुम कौन हो? तो लोगों ने ढाबे के मालिक को बताया कि वह एक एक्टर है. इसी बीच फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी ने उन्हें अपनी फिल्म 'ऑल द बेस्ट' के लिए उन्हें खोज निकाला. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय अपनी कार में बहुत बार रोते थे, क्योंकि उनके अपने पिता की काफी याद आती थी. संजय की मानें तो रोहित शेट्टी के साथ काम करना उन्हें बहुत पसंद है. वह कहते हैं कि रोहित मुझसे कुछ भी करवा लेता है.

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