'परमाणु' एक ऐसी घटना पर आधारित है जिसने मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया: जॉन अब्राहम

मॉडल से अभिनेता बने जॉन अब्राहम, जो 'विकी डोनर' के साथ 2012 में निर्माता बने, कहते हैं कि 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' एक जटिल फिल्म है जिसे सरल तरीके से बताया गया है. 

'परमाणु' एक ऐसी घटना पर आधारित है जिसने मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया: जॉन अब्राहम
जॉन ने बताया कि फिल्म उन घटनाओं को उजागर करती हैं जो 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण के दौरान घटीं

जीतेश कुमार झा, नई दिल्ली: मॉडल से अभिनेता बने जॉन अब्राहम, जो 'विकी डोनर' के साथ 2012 में निर्माता बने, कहते हैं कि 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' एक जटिल फिल्म है जिसे सरल तरीके से बताया गया है. ज़ी मीडिया के साथ एक खास बातचीत में, जॉन ने बताया कि फिल्म उन घटनाओं को उजागर करती हैं जो 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण के दौरान घटीं. इसके साथ ही जॉन ने यह भी कहा कि पोखरण परीक्षण भारत के आजादी के बाद निश्चित रुप से एक बड़ा क्षण था, जिसका व्यक्तिगत रूप से उन पर प्रभाव पड़ा.

सवाल: आपकी फिल्म "परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण" दो साल के अंतराल के बाद रिलीज की गई है. फिल्म से आपकी अपेक्षा क्या है और खासकर कमाई के मामले में?
जॉन: देखें, मुझे निर्माता और अभिनेता के रूप में गैर-फॉर्मूला फिल्में पसंद हैं और मैं परमाणु के साथ आगे बढ़ा क्योंकि विषय बहुत अनोखा था. मुझे लगता है कि 11 मई, 1998 को किए गए पोखरण परीक्षण भारत के स्वतंत्रता के बाद इतिहास में एक बताने वाला क्षण था. मैं उन घटनाओं पर एक फिल्म बनाना चाहता था जिसने मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया और यही कारण है कि मैंने इस पर एक फिल्म बनाने का फैसला किया. तो मेरे लिए, यह एक बहुत ही जटिल फिल्म है जिसे सरल तरीके से बताया गया है और यही कारण है कि मैं इसके बारे में उत्साहित हूं. इसके अलावा, मैं दर्शकों से फिल्म देखने के लिए अनुरोध करना चाहता हूं क्योंकि यह एक सुंदर कहानी है.

सवाल: आपकी पहचान एक एक्शन हीरो की है, तो प्रशंसकों को लगता था कि यह एक एक्शन-पैक फिल्म होगी?
जॉन: मुझे लगता है कि यह एक हाई-वोल्टेज ड्रामा है क्योंकि यह एक परमाणु परीक्षण की कहानी है. आपको फिल्म में हैंड-टू-हैंड एक्शन ज्यादा नहीं मिलेगा लेकिन ड्रामा के मामले में यह एक खास फिल्म है.

सवाल: जब आप फिल्में बनाने में व्यस्त होते हैं, तो आपका फाइनेंस कौन संभालता है?
जॉन: मेरा फाइनेंस एक टीम द्वारा संभाला जाता है जिसमें भागीदारों, चार्टर्ड एकाउंटेट्स और ऑडीटर्स शामिल हैं. लेकिन एक माइक्रो-फाइनेंस पर्सन होने के नाते, मैं व्यक्तिगत रूप से फाइनेंस के बारे में सब कुछ समझने की कोशिश करता हूं. मैंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 550 रुपये की कम शेष राशि के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी. मैं एक मध्यम श्रेणी का व्यक्ति हूं जिसने इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड में निवेश करना शुरू किया और इसके साथ आगे बढ़ा. वर्तमान में, मुझे लगता है कि एक व्यक्ति को पैसे के मूल्य को समझना चाहिए.

सवाल: आपने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बारे में बताया, क्या आपकी पहली नौकरी बैंक ऑफ महाराष्ट्र में थी?
जॉन: नहीं. मेरे पास बैंक ऑफ महाराष्ट्र में एक बैंक खाता था. असल में, मैं राष्ट्रीयकृत बैंकों का एक बड़ा फैन हूं और वर्तमान में मेरा कार्पोरेशन बैंक में एक खाता है. मेरे अन्य बैंकों में भी खाते हैं लेकिन मुझे लगता है कि मेरा भारत महान.

सवाल: हम आपके निवेश के बारे में जानना चाहते हैं. क्या आपका रियल एस्टेट या सोना या शेयरमार्केट या कहीं और अधिक निवेश है?
जॉन: आम तौर पर, मुझे रियल एस्टेट में निवेश करना पसंद है, जिसका आरओआई 7-8 प्रतिशत से कम है. मुझे बहुत सारी असली संपत्तियां हासिल करना पसंद है. मैं स्टार्ट-अप में भी निवेश करता हूं. इस समय, मैं बस पर्याप्त वैल्यू बनाना चाहता हूं ताकि मैं जिंदगी को आराम से जी सकूं.

सवाल: आपकी पत्नी एक फाइनेंस एक्सपर्ट हैं. क्या आप उनसे कोई सलाह लेते हैं?
जॉन: हां, प्रिया टैलेंट का एक पावरहाउस हैं. वह लॉस एंजिल्स से है और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) में पढ़ाई की है. वह गोल्डमैन सैक्स, वर्ल्ड बैंक से जुड़ी रही हैं. बाद में, वह लंदन बिजनेस स्कूल गईं. असल में, जब भी मैं निवेश से संबंधित कोई योजना बनाता हूं, तो मैं उनकी सलाह लेता हूं. मैं उन सलाहों को पसंद करता हूं क्योंकि वो सलाह मुफ्त में आती हैं.

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