शकील बदायूनी के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में यह खास बातें

अपने लिखने के सपने के साथ 1944 में शकील मुंबई चले गए. यहां पर उन्होंने फिल्म प्रड्यूसर ए.आर कादर और म्यूजिक कंपोजर नौशाद अली से मुलाकात की. उन्होंने शकील को कहा कि वो अपनी लेखन शैली का इस्तेमाल करके एक लाइन लिखें. इस पर शकील ने लिखा कि 'हम दिल का अफसाना दुनिया को सुना देंगे, हर दिल में मोहोब्बत की आग लगा देंगे'. 

शकील बदायूनी के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में यह खास बातें
गीतकार-ए-आजम (फोटो-शकील बदायुनी की जीवनी)

नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर सॉन्ग राइटर और शायर शकील बदायूनी का जन्म आज ही के दिन उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था. शकील बदायूनी के पिता मोहम्मद जमाल अहमद सोख्ता कादिरी उनका अच्छा भविष्य चाहते थे और इसलिए उनके पिता ने उनको अर्बी, उर्दू, पारसी और हिंदी भाषाएं सिखाई. बचपन से ही उनकी कविताओं में काफी रुची थी और स्कूल के बाद जब उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अपनी आगे की पढ़ाई शुरू की तो उस दौरान वह अक्सर मुशायरा में हिस्सा लेते रहते थे और वह मुशायरा में जीतते भी थे. 1940 में उनकी शादी सलमा से हो गई और अपनी बीए. करने के बाद शकील दिल्ली आ गए और यहां पर सपलाई ऑफिसर का काम करने लगे, लेकिन इस दौरान भी वो देश भर में मुशायरों में हिस्सा लेते रहते थे. उस समय के शायर और कवि देश की स्थिति के ऊपर लिखा करते थे लेकिन शकील कि कविताएं और शायरी अलग थीं वह प्यार भरी शायरी लिखते थे जो लोगों के दिल को छू जाती थीं. 

1944 में चले गए थे मुंबई

अपने लिखने के सपने के साथ 1944 में शकील मुंबई चले गए. यहां पर उन्होंने फिल्म प्रड्यूसर ए.आर कादर और म्यूजिक कंपोजर नौशाद अली से मुलाकात की. उन्होंने शकील को कहा कि वो अपनी लेखन शैली का इस्तेमाल करके एक लाइन लिखें. इस पर शकील ने लिखा कि 'हम दिल का अफसाना दुनिया को सुना देंगे, हर दिल में मोहोब्बत की आग लगा देंगे'. इसक बाद नौशाद ने उनको कादर की फिल्म 'दर्द' के लिए साइन कर लिया. शकील ने इस फिल्म के लिए गाने लिखें और उनके सारे गाने हिट रहे. इस फिल्म का एक गाना 'अफसाना लिख रही हूं' काफी ज्यादा हिट हुआ था. 

गीतकार-ए-आजम

इसके बाद शकील और नौशाद ने एक जोड़ी के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. शकील गाना लिखा करते थे और नौशाद उन गानों को कंपोज किया करते थे. इन दोनों की जोड़ी ने बॉलीवुड की फिल्में जिनमें 'दीदार', 'बैजू बावरा', 'मदर इंडिया' और 'मुग-ले-आजम' के लिए हिट गाने दिए थे. शकील ने बॉलीवुड की 89 फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं और उन्होंने बेगम अखत्तर के लिए बहुत सी गजले भी लिखी हैं. भारत की सरकार ने उनके सम्मान के लिए उन्हे 'गीतकार-ए-आजम' का खिताब दिया. 

इन फिल्मों के लिए मिला फिल्म फेयर अवॉर्ड

उनको फिल्म 'गहराना' के गाने 'हुस्न वाले तेरा जवाब नहीं' के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. उनकी सबसे ज्यादा हिट फिल्म 'चौदहवी का चांद' और साहिब बीबी और गुलाम रही ह. उनको फिल्म 'चौदहवी के चांद' के टाइटल सॉन्ग के लिए भी फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था. 

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