ऐसा है 'मजदूरों के मसीहा' Sonu Sood का इंजीनियरिंग से फिल्मों में आने का सफर

फिल्मों में खलनायक का दमदार किरदार निभाने वाले सोनू सूद (Sonu Sood), असल जिंदगी में मजदूरों के मसीहा बन चुके हैं. पेशे से इंजीनियर रह चुके सोनू सूद की फिल्मों में एंट्री न केवल स्ट्रगल से भी भरी थी, बल्कि पहला ऑडिशन भी कमाल का था.  

ऐसा है 'मजदूरों के मसीहा' Sonu Sood का इंजीनियरिंग से फिल्मों में आने का सफर
Sonu Sood

नई दिल्ली: मॉडल कम एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) को आज देश का बच्चा-बच्चा मजदूरों के मसीहा के रूप में जानने लगा है. माइग्रेंट्स की मदद के साथ उनका व्यवहारिक पहलू भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं. माइग्रेंट्स के साथ वन टू वन कनेक्शन के साथ ही उनका मजाकिया अंदाज लोगों के दिल को छू जा रहा है. फिल्मों में अपनी खलनायकी से लोगों का खून खौला देने वाले सोनू सूद असल जिंदगी में लोगों के छालों और दर्द पर मरहम लागने का काम कर रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि वे बॉलीवुड में कैसे आए और यहां उनका स्ट्रगल कैसा था?

इंजीनियरिंग छोड़ फिल्मों में आए
सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा पंजाब में हुआ था और वह एक बिजनेस फेमली से ताल्लुक रखते थे, हालांकि उनकी मां एक प्रोफेसर थी औश्र वह चाहती थीं कि सोनू इंजीनियर बनें. सोनू ने उनकी ये इच्छा पूरी भी और इसके लिए वह नागपुर के यशवंतराव चव्हाण अभियांत्रिकी महाविद्यालय से इलेक्ट्रानिक इंजीनियर की डिग्री लेकर बाहर निकले, लेकिन इसी दौरान उन्हें मॉडलिंग का चस्का लग गया और वह अपनी मां से एक साल का समय मांग कर मॉडलिंग और फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गए.

तमिल फिल्म से करियर की हुई थी शुरुआत
हिन्दी, तेलुगू कन्नड़ और तमिल फ़िल्मों के साथ सोनू सूद कई नामचीन कंपनियों के ऐड में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने अपनी पहली फिल्म 1999 में तमिल फिल्म कालजघर में पादरी की भूमिका से की थी. इसके बाद तमिल फ़िल्म 'मजनू' (2001) से उनकी पहचान साउथ में बन गई. वहीं सोनू ने हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय की शुरुआत 'शहीद-ए-आज़म भगत सिंह' के रोल के साथ की.  इसके बाद उन्हें मणिरत्नम की 'युवा' (2004) और 'आशिक बनाया आपने' (2005) में अभिषेक बच्चन के भाई का रोल मिला. इसके बाद कई और फिल्मों में सोनू सूद ने काम किया, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में उन्हें विलेन का रोल ही मिला.

दबंग में छेदी सिंह की दमदार भूमिका लिए मिला दो अवार्ड
सलमान खान की दबंग में खलनायक छेदी सिंह की भूमिका के लिए सोनू सूद को दो अवार्ड मिले। पहला अप्सा अवार्ड और दूसरा आईआईएफए सर्वश्रेष्ठ खलनायक का पुरस्कार.

टॉप100 हैंडसम मैन की लिस्ट में भी शामिल हैं सोनू
एक इंडियन वेबसाइट द्वारा किए टॉप इंडियन हैंडसम मैन में सोनू सूद भी शामिल हैं. इस साइट के अनुसार सोनू सूद 47वें हैंडसम मैन हैं. बता दें कि साउथ की पहली फिल्म भी उन्हें अपने बॉडी टोन और हैंडसम लुक के कारण ही मिली थी.

स्ट्रगल के दिन नहीं भूले सोनू
सोनू जब मुंबई फिल्मों में करियर बनाने आए थे तो एक फ्लैट में 5-6 लोगों के साथ रहते थे. काम की तलाश जारी थी, लेकिन हर जगह से रिजेक्शन मिल रहा था. परिवार से पैसा मांगना उन्हें अच्छा नहीं लगता था, इसलिए वह बहुत तंगी में जीवन जीते रहे जबतक की उनको पहला ब्रेक नहीं मिला.

जब, सोनू ने हिरोइन के लिए भेज दी थी अपनी तस्वीर
सोनू को जहां पता चलता कि एक्टर्स की जरूरत है वह अपना पोर्टफोलियो भेज देते थे. एक बार सोनू सूद ने ऐसी जगह अपना पोर्टफोलियो भेज दिया, जहां हिरोइन की जरूरत थी. भेजने के बाद उन्हें पता चला कि उन्होंने ये क्या कर दिया, लेकिन उनकी किस्मत यहीं रंग लाई और सोनू को एक दिन वहीं से कॉल आया कि वे क्या साउथ इंडियन फिल्म में काम करना चाहते हैं? यदि हां तो ऑडिशन के लिए आ जाएं. ऑडिशन के सोनू पहुंच गए तो उनसे शर्ट उतारने को कहा गया, ये सुन कर वह सकते में आ गए, लेकिन शर्ट उतार ही दी और उनका सलेक्शन उनकी बॉडी को देख कर कर लिया गया.

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