जब नवाजुद्दीन को विदेश में कहा 'सुंदर' तो बोले, 'मेरे देश में कभी नहीं बोला गया'

हाल ही में हॉलीवुड पत्रकारों ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को सुंदर कहा. इस पर नवाज बोले कि वह ग्लैमर की चकाचौंध की परवाह नहीं करते 

जब नवाजुद्दीन को विदेश में कहा 'सुंदर' तो बोले, 'मेरे देश में कभी नहीं बोला गया'
नवाजुद्दीन का दर्द आया बाहर बोले, 'ये लंबी छलांग है' (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. दिग्गज अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि वह फिल्मी दुनिया के ग्लैमर की चकाचौंध की परवाह नहीं करते. हॉलीवुड पत्रकारों द्वारा उन्हें 'सुंदर' कहने और इटेलियन अभिनेता मार्सेलो मास्ट्रोइआनी से तुलना करने पर उन्होंने कहा, 'अमेरिकन सिनेमा पर किताबें छापने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रकाशनों में से एक द्वारा मुझे सुंदर बताए जाने को मैं तवज्जो देता हूं. मुझे कभी मेरे अपने देश में सुंदर नहीं बुलाया गया, लोगों द्वारा नहीं, मेरा काम पसंद करने वाले समीक्षकों द्वारा भी नहीं. इसलिए यह बड़ी छलांग है.'

उन्होंने कहा, 'रही बात मार्सेलो मास्ट्रोइआनी से तुलना करने की। वह इतने अच्छे अभिनेता हैं कि जब मैं उन्हें निर्देशक विटोरियो डी सिका की फिल्म में अभिनय करते हुए देखता हूं तो मुझे आश्चर्य होता है कि किसी की एक्टिंग इस लेवल पर भी नेचुरल हो सकती है.'

मंटो पर भी बोले नवाजुद्दीन 

मंटो में अपने अभिनय पर उन्होंने कहा, 'मैंने सआदत हसन मंटो की तरह जितना संभव हो सका उतना शांत और नियंत्रित रहने की कोशिश की. मंटो ने कभी ऊंची आवाज में बात नहीं की, फिर भी उन्हें लोगों को अपनी बात बताने में कभी परेशानी नहीं हुई. हम जितनी ऊंची आवाज में बात करते हैं उतना ही अपनी पहचान खोने की, अपनी असुरक्षा की भावना उजागर करते हैं. हम भारतीय ज्यादातर ऊंची आवाज में बात करते हैं.'

हमारे महान अभिनेताओं के संग्रहालय कहां हैं
ऊंची आवाज में बोलने के सवाल पर नवाजुद्दीन ने कहा, 'अपनी दोस्त तनिशा चटर्जी की फिल्म की शूटिंग के लिए मैं ढ़ेड महीने से रोम में था, तब मैं मार्सेलो मास्ट्रोइआनी को समर्पित संग्रहालय उनकी फिल्मों की कलाकृतियां देखने, उनके जीवन का अनुभव लेने गया जो मेरे लिए अद्भुत अनुभव रहा. अशोक कुमार और देव आनंद जैसे हमारे महान अभिनेताओं के संग्रहालय कहां हैं?'

ऐसे अन्य अभिनेताओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'मैं अभिनेताओं की प्रशंसा नहीं करता. मैं प्रदर्शन की प्रशंसा करता हूं. मैंने हांगकांग की फिल्म 'इन द मूड फॉर लव' देखी और मैं टोनी लेउंग के अभिनय का स्तब्ध रह गया। मुझे लगता है कि 'बर्डमैन' में मिशेल कीटन का अभिनय शानदार था लेकिन मुझे 'द वॉल्फ ऑफ द वालस्ट्रीट' में लियोनाडरे डिकैप्रियो का अभिनय सबसे ज्यादा पसंद है.'

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, 'मैं फिल्मी चकाचौंध के मायाजाल की परवाह नहीं करता. लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं पैसे को ज्यादा महत्व नहीं देता हूं. लेकिन यहां पैसा बड़ी कमर्शियल फिल्मों से आता है.'