Movie Review: शूजित सरकार की इस 'अक्‍टूबर' से आपको प्यार हो जाएगा

किसी ने सच कहा है 'एक्टर उतना ही अच्छा हो सकता है जितना उसका डायरेक्टर हो'. बनिता संधू ने अपनी आँखों से बिना कुछ कहे सब कह दिया. उनकी माँ का रोल निभाती गीतांजलि रॉव ने बेहतरीन अभिनय किया.

Movie Review: शूजित सरकार की इस 'अक्‍टूबर' से आपको प्यार हो जाएगा
'अक्‍टूबर' वरुण धवन के करियर की शानदार फिल्‍म है.

नई दिल्‍ली: आप अपनी ज़िंदगी के बारे में एक मिनट सोचे तो आपको प्यार भरे और सरल पल याद आएगे जो आपके जीवन के शायद सबसे सुनहरे पल होंगे. इन सरल और प्यार भरे पलो से सजाई 'अक्टूबर' आपको हमेशा याद रहेगी. शूजित सरकार, बॉलीवुड के 'मैजिकल डिरेक्टर' (पीकू, मद्रास कैफ़े), ने लेखक जूही चतुर्वेदी के साथ इसकी संरचना की है. दिल्ली में होटल मैनजमेंट ट्रेनी 'डेन' और 'शिउली' की लव स्टोरी हर इंसान की जिंदगी से जुड़ी कहानी है, जिसमें प्यार, तकरार, नाराजगी, अपनापन, हंसी मज़ाक, खुशी और दुख इतनी सरलता से फिल्‍म के नैरेटिव में ढाले गए हैं कि आपको इस फिल्‍म से प्यार हो जाएगा.

कास्‍ट: वरुण धवन, बनिता संधु, गीतांजलि रॉय, साहिल वेदोलिया
डायरेक्‍टर: शूजित सरकार
स्‍टार: 4.5 स्‍टार

इस फिल्‍म का नैरेटिव स्टाइल, हर सीन की डिटेलिंग ही फिल्‍म की जान है. दिल्ली की ठंड, डूबता सूरज, फॉग, को इतनी खूबसूरती से किसी फिल्म में नहीं दर्शाया. वरुण धवन ने ढेन का रोल निभाया. बदलापुर के बाद अब जाके इन्होंने अपना अभिनय का हुनर दिखाया. किसी ने सच कहा है 'एक्टर उतना ही अच्छा हो सकता है जितना उसका डायरेक्टर हो'. बनिता संधू ने अपनी आँखों से बिना कुछ कहे सब कह दिया. उनकी माँ का रोल निभाती गीतांजलि रॉव ने बेहतरीन अभिनय किया.

अंत में, कोई भी फिल्‍म दर्शक निर्देशक की नजरों से देखता है और सारा श्रेय सबसे पहले उन्हें ही जाता है. वरुण, बनिता, और गीतांजलि का अभिनय देखने, अनोखी कहानी में लव का एक नया पहलू देखने, अपनी ज़िंदगी के हसीन पल याद करने, इस सिनेमा में आपको सब मिलेगा और परफेक्शन के साथ मिलेगा. जरूर देखें.

( स्‍वपनिल कुमार)

बॉलीवुड की और खबरें पढ़ें