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पाकिस्तान के मंत्री ने नंदिता से किया वादा, ‘मंटो’ फिल्म पर लगा बैन हटाने में करेंगे मदद

‘मंटो’ उर्दू के जाने-माने लघुकथा लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित फिल्म है. मंटो विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए थे.

पाकिस्तान के मंत्री ने नंदिता से किया वादा, ‘मंटो’ फिल्म पर लगा बैन हटाने में करेंगे मदद
फिल्म 'मंटो' इस साल 21 सितंबर को भारत में रिलीज हो चुकी है.

मुंबई: पाकिस्तान के इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर फवाद चौधरी ने फिल्मकार नंदिता दास को आश्वस्त किया है कि उनके डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘मंटो’ की रिलीज पर पाकिस्तान में लगी पाबंदी हटाने में वह उनकी मदद करेंगे.

चौधरी ने ट्वीट कर मदद की पेशकश की और कहा कि वह फिल्म आयातकों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे नवाजुद्दीन सिद्दीकी स्टारर ‘मंटो’ जैसी ‘‘कम कमर्शियल फिल्म’’ प्रस्तुत करें. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आयातकों को समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि वे इस फिल्म को पाकिस्तान लाएं, मुझे उम्मीद है कि कोई तो दर्शकों को कम कमर्शियल फिल्म दिखाने का जोखिम जरूर लेगा.’’

नंदिता ने मंत्री का शुक्रिया अदा किया और कहा, ‘‘शुक्रिया फवाद चौधरी. #FreeSpeech.’’ 'मंटो' में बॉलीवुड के कई कलाकरों ने किया फ्री में काम, नवाज ने लिया सिर्फ 1 रुपये मेहनताना

फिल्म एक्ट्रेस नंदिता ने शनिवार को ट्वीट कर पाकिस्तान में ‘मंटो’ की रिलीज पर लगी पाबंदी को लेकर निराशा जाहिर की थी. ‘मंटो’ उर्दू के जाने-माने लघुकथा लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित फिल्म है. मंटो विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए थे.

आपको बता दें, 'मंटो' की कहानियां समाज के इर्द-गिर्द घूमती हुई होती हैं और समाज की सच्चाई को पेश करती हैं. जिसके चलते उनपर कई मुकदमे भी हुए. हालांकि, इसके बाद भी उन्होंने कभी लिखना नहीं छोड़ा. 'मंटो', सआदत हसन के जीवन पर आधारित है और स्वतंत्रता से पहले और स्वतंत्रता के बाद की कहानी को दिखाती है. फिल्म 'मंटो' इस साल 21 सितंबर को भारत में रिलीज हो चुकी है.

(इनपुट-भाषा से भी)