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89 साल की उम्र में समाजसेवी स्वरूप चंद गोयल का निधन, पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन

मुंबई में समाजसेवी स्वरूप चंद गोयल का निधन हो गया. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया. मुंबई के वसुंधरा अपार्टमेंट से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई और बालगंगा में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस मौके पर बीजेपी नेता राज के पुरोहित, अतुल शाह, मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद रहे.

89 साल की उम्र में समाजसेवी स्वरूप चंद गोयल का निधन, पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन
स्वरूप चंद गोयल (फाइल फोटो)

मुंबई: मुंबई में समाजसेवी स्वरूप चंद गोयल  का निधन हो गया. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया. मुंबई के वसुंधरा अपार्टमेंट से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई और बालगंगा में उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके साथ कई वर्षों से जुड़े हुए उनके सहयोगियों का मानना है कि एक युग का अंत हो चुका है. स्वरूप चंद गोयल कर्मठ व्यक्ति थे. बिना थके रुके 89 साल की उम्र तक उन्होंने डटकर काम किया. अगले महीने 18 अगस्त को उनके जन्मदिन को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी भी चल रही थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. इस मौके पर बीजेपी नेता राज के पुरोहित, अतुल शाह, मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद रहे.

समाजसेवी व श्री हरि सत्संग समिति के संस्थापक अध्यक्ष स्वरूपचंद गोयल का सोमवार को निधन हो गया. वह 89 वर्ष के थे. स्वरूपचंद गोयल अपने पीछे दो बेटे, एक बेटी, पौत्र-पौत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. 18 अगस्त 1930 को जन्मे स्वरुपचंद गोयल पूरे मुंबई में बाबूजी के नाम से पहचाने जाने थे. स्वरूपचंद गोयल आजीवन विभिन्न धार्मिक उपक्रमों के माध्यम से धन संग्रह कर वनवासी क्षेत्रों में संस्कार केंद्र, एकल विद्यालय से लेकर स्वास्थ्य केंद्र, सामाजिक केंद्र की स्थापना में सहयोग करते रहे.

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मुंबई में आदर्श रामलीला समिति के माध्यम से चौपाटी सहित कई स्थानों पर रामलीला के आयोजन से लेकर कवि सम्मेलन के आयोजन में स्वरुपजी की प्रमुख भूमिका है. स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर स्वर्गीय नीरज भी मुंबई में स्वरुपजी द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पाठ कर चुके हैं.  मुंबई में अग्रोहा विकास ट्रस्ट से लेकर एकल विद्यालय अभियान और श्री हरि सत्संग समिति के विस्तार में स्वरुपजी की अहम भूमिका रही है.