#MeToo: रेप के आरोप पर बोले सुभाष घई, 'प्रसिद्ध आदमी की छवि खराब करने का फैशन बन गया है'

73 वर्षीय घई ने अपने आरोप पर सफाई देते हुए कहा, "मैं इस तरह के सभी झूठे आरोपों का कड़ाई से खंडन करता हूं." 

#MeToo: रेप के आरोप पर बोले सुभाष घई, 'प्रसिद्ध आदमी की छवि खराब करने का फैशन बन गया है'
घई ने कहा, "अगर वह ऐसा दावा करती है तो उसे अदालत में जाकर साबित करना चाहिए."

मुंबई: अपने ऊपर लगे रेप के आरोप पर निर्माता-निर्देशक सुभाष घई की प्रतिक्रिया सामने आई है. घई ने इस तरह के आरोप से साफ इनकार किया है. दरअसल, एक अज्ञात महिला ने उन पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि घई ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला दिया और उसका यौन उत्पीड़न किया. 

73 वर्षीय घई ने अपने आरोप पर सफाई देते हुए कहा, "यह दुखद है कि किसी भी प्रसिद्ध आदमी की छवि खराब करने का प्रचलन हो गया है. विगत की कुछ कहानियों को बिना किसी सच्चाई के पेश किया जा रहा है. मैं इस तरह के सभी झूठे आरोपों का कड़ाई से खंडन करता हूं," उन्होंने कहा, "अगर वह ऐसा दावा करती है तो उसे अदालत में जाकर साबित करना चाहिए. या तो न्याय होगा या निश्चित तौर पर मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा."  

इससे पहले, लेखिका महिमा कुकरेजा ने ट्विटर पर अज्ञात अकाउंट साझा किया जो पिछले महीने कॉमेडियन उत्सव चक्रवर्ती पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली प्रथम महिलाओं में से एक है. कुकरेजा ने कहा कि महिला ‘‘काफी विश्वसनीय मीडिया हस्ती है जो अपना नाम उजागर नहीं करना चाहती."  

महिला ने कहा कि वर्षों पहले उसने घई के साथ एक फिल्म में काम किया और वह उसमें कुछ ज्यादा ही रूचि लेने लगे और स्क्रिप्ट सेशन में वह अक्सर उसे अपने अपार्टमेंट में बुलाते. उसने दावा किया कि एक बार उन्होंने जबरन उसे चूम लिया लेकिन अगले दिन यह कहकर उसे शांत कराने का प्रयास किया कि यह घटना ‘प्रेमियों की लड़ाई’ है. उसने आरोप लगाए कि देर रात तक चले संगीत सेशन में उन्होंने शराब पी और उसे भी शराब की पेशकश की ‘जिसमें नशीला पदार्थ’ मिलाया हुआ था. महिला ने कहा कि फिर से होटल के कमरे में ले जाया गया जहां अचेतावस्था में उसका यौन शोषण किया गया. 

पीड़िता ने अपनी व्यथा कुछ इस तरह बताई: 
"यह सब तब हुआ जब मैं सुभाष घई के साथ एक फिल्म पर काम कर रही थी. उन्होंने कहा कि वह मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे और फिल्म इंडस्ट्री में मुझे गाइड करेंगे. मैंने उनकी बात मान ली क्योंकि मेरा कोई गॉडफादर नहीं थी और कोई दोस्त भी नहीं था. मैं मुंबई में नई थी. लेकिन मुझे कुछ सीखना था और मुझे एक निदेशक के तौर पर खुद को साबित करना था."

"शुरुआत में वह मुझसे म्यूजिक रिकॉर्डिंग को लेकर बातचीत करते थे और मुझे वहां देर रात तक अन्य पुरुष सदस्यों के साथ बैठना पड़ता था. जब रिकॉर्डिंग पूरी हो जाती थी, मैंने घर के लिए ऑटो ले लेती थी या वह मुझे घर छोड़ दिया करते थे. धीरे-धीरे उन्होंने मेरी जांघ पर हाथ रखना शुरू किया, मुझे गले लगाते हुए बोलते थे कि मैंने आज अच्छा काम किया. फिर वह मुझे स्क्रिप्ट पर बात करने के लिए लोखंडवाला कॉल करके बुलाया. उन्होंने मुझे बताया कि वह स्क्रिप्ट पर काम अन्य अभिनेत्रियों के साथ करेंगे." 

"जब मैं वहां पहुंची तो देखा वहां कोई नहीं है और वह घर पर अकेले थे. यह वह घर नहीं था जिसमें वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे. स्क्रिप्ट पर काम करने की बजाय, उन्होंने अन्य बातों पर चर्चा शुरू की. उन्होंने कहा कि मुझे इंडस्ट्री ने गलत समझा और रोने का बहाना करते हुए मेरी गोद में सिर रख दिया. जब वह खड़े हुए तो जबर्दस्ती किस कर लिया. मैं अवाक रह गई और वहां से भाग आई. लेकिन अगले दिन यह कहकर उसे शांत कराने का प्रयास किया कि यह घटना ‘प्रेमियों की लड़ाई’ है."

"एक शाम को म्यूजिक सेशन के बाद रात बहुत ज्यादा हो गई और उन्होंने ड्रिंक करने का निर्णय लिया. उन्हें व्हिसकी पसंद थी. उनका ड्राइवर बाबू कार में बॉटल तैयार रखता था. शराब में नशीला पदार्थ मिला हुआ था. मुझे लगा कि मेरे घर पर मुझे छोड़ दिया जाएगा लेकिन बाबू लोनावाला लेकर पहुंचा. मैं बेहोशी हालत में थी लेकिन इतना मुझे याद है कि मैंने कई बार उससे घर छोड़ने के लिए कहा था." 

"वह मुझे एक होटल में ले गए. मेरी मनोदशा ठीक नहीं था लेकिन वह मुझे सुइट में लेकर गए. उन्होंने वहां पर मेरे साथ रेप किया. अगली सुबह मुझे याद है कि उन्होंने टोस्ट का ऑर्डर दिया था और जब मैं जगी तो वह नाश्ता कर रहे थे. मैंने बहुत उल्टियां की."

"उन्होंने मुझे घर छोड़ा. मैंने कुछ दिन के लिए छुट्टी ले ली और बाद में उनकी टीम की एक सदस्य ने मुझसे कॉल करके कहा कि अगर मैंने नौकरी छोड़ी तो मुझे भुगतान नहीं किया जाएगा. इसलिए मैंने फिर से काम करना शुरू किया और एक सप्ताह बाद त्यागपत्र दे दिया."