Video:'वीरे दी वेडिंग' की गालियों पर बोलीं स्‍वरा भास्‍कर, 'अनुराग कश्‍यप से पूछा था ये सवाल?'

स्‍वरा भास्‍कर ने कहा, 'हमने यह कभी नहीं कहा कि यह महिला सशक्तिकरण से जुड़ी फिल्‍म है? हमें 105 साल लग गए एक ऐसी फिल्‍म बनाने में जो चार महिलाओं पर आधारित है और यह चारों महिलाएं एक ही आदमी से प्‍यार नहीं करती हैं.'

Video:'वीरे दी वेडिंग' की गालियों पर बोलीं स्‍वरा भास्‍कर, 'अनुराग कश्‍यप से पूछा था ये सवाल?'
स्‍वरा भास्‍कर फोटो साभार Yogen Shah.

नई दिल्‍ली: बॉलीवुड में यूं तो महिलाओं को मुख्‍य किरदार में रखकर कई फिल्‍में बनीं हैं और पिछले कुछ सालों में 'महिला केंद्रित' फिल्‍मों की संख्‍या में काफी बढ़ोतरी हुई है. लेकिन पिछले दिनों जैसे ही फिल्‍म 'वीरे दे वेडिंग' का ट्रेलर सामने आया, चारों तरफ इस फिल्म में गालियां देती महिलाओं और महिलाओं के 'बोल्‍ड अवतार' की काफी आलोचना हो रही है. सोनम कूपर, करीना कपूर, स्‍वरा भास्‍कर और शिखा तल्‍सानिया की इस फिल्‍म के ट्रेलर को अभद्र भाषा और गालियों के चलते काफी आलोचना झेलनी पड़ी है. लेकिन इस फिल्‍म की हीरोइनें ऐसा नहीं मानती हैं.

यूट्यूब चैनल फिल्‍म कंपेनियन के दिए एक इंटरव्‍यू में फिल्‍म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा ने इन चारों हीरोइनों से पूछा कि क्‍या आपको नहीं लगता कि आपने इस तरह की फिल्‍म के माध्‍यम से 'महिला सशक्तिकरण' के पूरे भाव को पुरुषों जैसी हरकतें कर कमतर कर दिया है? इस पर सोनम ने कहा कि यह पूरी तरह कहना गलत होगा. सोनम ने कहा, 'महिला सशक्तिकरण का मतलब है क्‍या, दरअसल यह एक चॉइस है. हम चार इस फिल्‍म में चार अलग-अलग किरदार हैं और हम चारों बिलकुल अलग तरीके से व्‍यवहार करते हैं. जैसे मेरा किरदार है अवनी का जो मुश्किल से कभी गाली देती है, लेकिन जब देती है तो कोई उसे नहीं रोक पाता.'

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वहीं स्‍वरा भास्‍कर ने इस सवाल के जवाब में कहा, 'लेकिन हमने यह कभी नहीं कहा कि यह महिला सशक्तिकरण से जुड़ी फिल्‍म है? पहली बात तो हमें 105 साल लग गए एक ऐसी फिल्‍म बनाने में जो चार महिलाओं पर आधारित है और यह चारों महिलाएं एक ही आदमी से प्‍यार नहीं करती हैं. सिर्फ इसलिए क्‍योंकि इस फिल्‍म में चार महिलाएं हैं, तो शहरी महिलाओं की लाइफस्‍टाइल को पर्दे पर उतार रही हैं, तो इतने सवाल क्‍यों पूछे जा रहे हैं? जब हमारी फिल्‍मों के पुरुष किरदार असलीयत के इतने करीब हो सकते हैं तो महिला किरदार क्‍यों नहीं. कोई अनुराग कश्‍यप ('गैंग्‍स ऑफ वासेपुर' के निर्देशक) से क्‍यों नहीं पूछता कि आपकी फिल्‍मों के आदमी इतनी गालियां क्‍यों देते हैं?

वहीं सोनम कपूर ने कहा, 'कुछ सालों पहले फिल्‍म आई थी 'प्‍यार का पंचनामा', जिसमें महिलाओं को लेकर कई तहर की धारणाएं दिखाई गई थीं, लेकिन इस फिल्‍म पर लोगों ने जश्‍न मनाया था. किसी ने एक बार भी नहीं कहा कि आपको नहीं लगता कि आप महिलाओं के प्रति एक गलत धारणा सामने रख रहे हैं.'

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