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मुंबई की इस फैशन ब्लॉगर की कहानी हुई वायरल, बताया कामयाबी का मंत्र

मुंबई की इस फैशन ब्लॉगर की कहानी हुई वायरल, बताया कामयाबी का मंत्र
मुंबई की इस फैशन ब्लॉगर की कहानी हुई वायरल, बताया कामयाबी का मंत्र (फोटो साभारः फेसबुक)

नई दिल्लीः आज के इस दौर में फैशन की चाहत रखने वाले युवाओं और कॉलेज के छात्रों के लिए मुंबई की संतोषी शेट्टी आइडल बन गईं है. आर्किटेक्ट की पढ़ाई करने वाली संतोषी ने यू-ट्यूब के जरिए अपनी इतनी साख बना ली है कि उनके 8000 फॉलोअर्स उनसे फैशन और अच्छी ड्रेस पहनने के टिप्स लेते है. संतोषी के एक मिनट के वीडियोज को कुल 1,00,000 से ज्यादा लोग देखते है. सोशल मीडिया पर बढ़ती संतोषी की साख सबूत है कि 24 साल की ये लड़की कुछ अच्छा कर रही है. 

हाल ही में संतोषी शेट्टी ने मुंबई के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के अनुभवों को बांटने वाले 'ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे' फेसबुक पेज पर अपनी कहानी शेयर की. जिसमें असुरक्षा, कामयाबी और असफलता सभी का जिक्र हुआ. मंगलवार रात को शेयर की गई ये दिल को छू जाने वाली कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. संतोषी की कहानी हमें महत्वपूर्ण सीख देती है कि जितना ज्यादा हम खुद से प्यार करते है उतनी ज्यादा कामयाबी हमें मिलती है.

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अपनी कहानी में संतोषी ने बताया किजैसे से मैं बढ़ी हुई, मैं एक ऐसी छात्र रही तो सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहती थी. फिर चाहे वो फुटबॉल खेलना हो या फिर फैशन शो. मुझे फैशन करना अच्छा लगता था. मैं हमेशा ये कोशिश करती कि मैं भीड़ में सबसे अलग दिखूं. ये मेरी पर्सनेलिटी का एक हिस्सा था न कि जिसे लेकर मुझे गलत समझा जाता. यहां तक की जब मैंने अपना आर्किटेक्चर का कोर्स किया, तब भी मेरी यही कोशिश रहती की मैं कैंपस की सबसे फैशनेबल लड़की के तौर पर पहचानी जाउं.

लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस फील्ड में कुछ करूंगी. मेरा पास हमेशा पैसों की तंगी रही, तो इसलिए मैं पटरी से ही शॉपिंग करती, मैं 200 रुपये में कोई चीज खरीदती और उसमें भी मोल-भाव करती. लेकिन हमेशा से मुझे अलग-अलग चीजों को इकट्ठा करके कुछ नया करना मुझे अच्छा लगता. असल में, ऐसे ही मैंने कॉलेज में किसी से इंस्टाग्राम के बारे में सुना और लेकिन मुझे लगा कि मैं इसे अपने नोकिया फोन पर डाउनलोड नहीं कर सकती क्योंकि ये केवल एंड्रोएड और आईओएस फोन्स पर ही संभव है.

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इसलिए जब भी मुझे कुछ पोस्ट करना होता मैं अपने पिता का फोन लेती और जल्द उसपर उसे अपने अकाउंट में अपलोड करती. मैं हमेशा से आर्किटेक्चर की फील्ड को भी प्यार करती रही, जब मुझे अपने कोर्स के सिलसिले में ट्रेवल करने का मौका मिलता मैं अपने अनुभवों को शेयर करती. मुझे नहीं पता मेरे फॉलोअर्स कैसे बढ़ने लगे. जब मैं आर्किटेक्चर के अपने कोर्स के तीसरे साल में थी तो मुझे KT मिला और मैं चौथे साल में जनरल सेक्रेटरी के लिए नहीं जा सकी और मैं बर्बाद हो गई थी.

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लेकिन समय के साथ पता चला कि वो सब कुछ अच्छे लिए हुआ क्योंकि लोग मेरे काम को पसंद करने लगे और मुझे अपना यूट्यूब चैनल मिला. वहां से चीजे मेरी गोद में गिरने लगी. यहां से मैंने अपना कंटेंट बनाने के लिए आर्किटेक्चर और फैशन के प्रति अपने प्यार को एक किया. मैंने अपनी खुद की वेबसाइट बनाई और यहीं से मेरे करियर की नई शुरुआत हुई.  मुझे आलोचनाएं भी सहनी पड़ी, कई बार लोग मेरी फोटो पर कमेंट करते हुए ये कहते कि मैं बहुत काली हूं, ये कैसे ब्लॉगर बन गईं? या फिर लोग ये कहते कि मैं इनसे मिला हूं, ये फोटो से ज्यादा काली दिखती है.

जैसे ही मैं 20 साल हुई. मैं अपने वीडियो को नापसंद करने वाली मामूली बात को लेकर भी काफी गंभीर हो जाती. लंबे असरे तक मैं अपने पैर पर लगे उस निशान को लेकर भी सचेत रहती जो फुटबॉल खेलते वक्त मेरे पैर पर लगा था. मैं ट्रेन में सफर करने के बारे में भी कई बार सोचती. लंबे समय तक मैं दोहरी जिंदगी जीती रही. मैं कॉलेज जाती, अपने असाइनमेंट्स पर मेहनत से काम करती और ये बिलकुल परवाह नहीं करती कि मैंने क्या पहना है और घर पहुंचकर क्या पहनूंगी.

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इसी तरह से मैंने अपनी इन्हीं चीजो दाग, स्कीन कलर और आलोचना के साथ कम्फर्टेबल रहना सीख लिया.   मैंने अपने आप से इतना प्यार किया कि दुनिया को मुझे वैसे ही अपनाना पड़ा जैसी मैं हूं. जिंदगी की तमाम बाधाओं को पार के बाद एक युवा आर्किटेक्चर छात्रा रही संतोषी ने कहा कि अब मुझे ऐसा लगता है कि मैगजीन के कवर पेज पर आना मेरे लिए गर्व की बात है.

मुझे अवॉर्ड्स मिले, मैं काम के सिलसिले में दुनिया घूमीं और सबसे महत्पूर्ण बात है कि मैं आर्थिक रूप से सक्षम हो चुकी हूं. .ये सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि मैंने निर्णय लिया.  खुद से प्यार करना का, किसी के द्वारा स्वीकार किए जाने का मैं इंतजार नहीं करूंगी.