Plan A Plan B Review: यह फिल्म देखने का बना रहे हैं प्लान तो पहले पढ़ लीजिए रिव्यू, पता चल जाएगा क्या करें
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Plan A Plan B Review: यह फिल्म देखने का बना रहे हैं प्लान तो पहले पढ़ लीजिए रिव्यू, पता चल जाएगा क्या करें

New Film On OTT: रितेश देशमुख और तमन्ना भाटिया स्टारर यह फिल्म हर तरह से सीमित स्पेस में बनाया गया प्रोजेक्ट है. संभावनाओं से भरी कहानी की छोटी-सी स्पेस में की गई प्लानिंग, इसे खिल कर निखरने नहीं देती.

 

 

Plan A Plan B Review: यह फिल्म देखने का बना रहे हैं प्लान तो पहले पढ़ लीजिए रिव्यू, पता चल जाएगा क्या करें

Ritesh Deshmukh Tamanna Bhatia Film: रिश्ते गारंटी कार्ड के साथ नहीं आते और यही बात फिल्मों पर भी लागू होती हैं. आप जरूर देखें लेकिन गारंटी नहीं कि उम्मीदों पर खरी उतरेंगी या नहीं. लेकिन जो सिनेमा में विश्वास रखते हैं, वे अलग-अलग प्लान बना कर बार-बार फिल्मों को अपनी जिंदगी में मौका देते हैं. खूबसूरत (2014) और वीरे दी वेडिंग (2018) जैसी फिल्में बना चुके निर्देशक शशांक घोष अब लाए हैं, प्लान ए प्लान बी. फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है. फिल्म को जिस तरह से प्लान किया गया है, उसमें एक खास वर्ग के चुनिंदा दर्शकों को ही यह अपील कर सकती है. फिल्म रोमांटिक कॉमेडी है और शादियों से ज्यादा तलाक पर जोर है.

पुराने सिद्धांत पर गढ़ी कहानी
सामान्य लोगों की जिंदगी के प्लान में अक्सर शादी शामिल होती है, लेकिन शादी होते ही तलाक की संभावना के दरवाजे अपने-आप खुल जाते हैं. शादी न हो तो तलाक संभव ही नहीं. अतः इस कहानी में एक मैचमेकर है, निराली वोरा (तमन्ना भाटिया) और दूसरा शादीशुदा जोड़ों को तलाक दिलाने वाला फैमेली लॉयर है, कौस्तुभ चौगुले उर्फ कोस्टी (रितेश देशमुख). दोनों एक विशाल बिल्डिंग में ऐसे फ्लोर पर अपने-अपने दफ्तर बनाते हैं जो कॉमन स्पेस है. दो पड़ोसी दफ्तर, एक में जोड़ियां बनाने का काम होता है और दूसरे में जोड़ियां तोड़ने का. विपरीत एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, यह सिद्धांत पुराना है और आगे की कहानी आप समझ सकते हैं. जो जानने को बाकी रहता है, वह है दोनों किरदारों की बैकस्टोरी और वे भविष्य में कैसे मिलेंगेॽ

यही है बॉलीवुड का संघर्ष
कहानी जिन रास्तों पर चलती है, उनमें कोई नयापन या रोमांच नहीं है. रोमांस जरूर थोड़ा है, लेकिन वह कभी भी केंद्र में नहीं आता. दोनों किरदार सकुचाए-सकुचाए से आगे बढ़ते हैं. उनके आस-पास के लोग जरूर चाहते हैं कि वे जीवन में आगे बढ़ें, उनका कोई जीवनसाथी हो मगर इस पूरी कहानी में उतार-चढ़ाव नहीं मिलते. क्लाइमेक्स भी सपाट और बेवजह की जिज्ञासा पैदा करने की कोशिश करता, जबकि हर हाल में आप सामने आने वाला नतीजा जानते हैं. राइटर-डायरेक्टर यहां दर्शकों के मन-मस्तिष्क से खेल नहीं पाते. दरअसर यह प्लान्ड सैट-अप वाली फिल्म है और इन दिनों बॉलीवुड इसी से संघर्ष कर रहा है कि फिल्म बनाए या प्रोजेक्ट. प्रोजेक्ट का असर एक्टरों पर भी पड़ता है और वे अपने अभिनय को सीमाओं में बांध लेते हैं. उनके हाव-भाव और संवेदनाएं प्रोजेक्ट की सीमाओं को तोड़ नहीं पाती.

गुंजाइश बहुत थी
इस कहानी में संभावनाएं थीं क्योंकि किरदारों को अच्छे से लिखा गया है. रितेश ऐसे व्यक्ति हैं, जो एक किस्म का परफेक्शनिस्ट और आत्मकेंद्रित है, हर चीज वह सलीके से चाहता है, जबकि तमन्ना ऐसी भावुक युवती हैं जिन्होंने अपने प्यार को एक हादसे में खो दिया है. दोनों के पेशे भी रोचक हैं और दोनों आमने-सामने हैं. इनके आस-पास के किरदारों में भी काफी गुंजाइश थी, लेकिन कमजोर राइटिंग और घटनाक्रम को अच्छे से न उकेरे जाने के कारण फिल्म कमजोर पड़ गई. लीड एक्टरों के अतिरिक्त निर्देशक ने बाकी कलाकारों से एक्स्ट्रा जैसा बर्ताव किया. यहां तक कि रितेश से तलाक लेने को बेसब्र पत्नी के किरदार को भी हाशिये जैसा ट्रीटमेंट दिया गया. जबकि बिदिता बाग के किरदार के लिए फिल्म में काफी गुंजाइश थी. फिल्म का गीत-संगीत औसत है. तय स्पेस में फिल्म को अच्छे ढंग से शूट किया गया है.

अगर है देखने का प्लान
रितेश अपने रोल में जमे हैं, लेकिन प्रोजेक्ट में फिट किरदार के कारण वह सीमाओं को तोड़ नहीं पाते. बावजूद इसके वह दर्शकों को बांधने में कामयाब रहे हैं. तमन्ना भाटिया भी अपने रोल में ठीक हैं. बबली बाउंसर के बाद 10 दिन के अंदर यह उनकी दूसरी फिल्म है. लेकिन दोनों में वह कोई गहरा असर नहीं छोड़तीं. छोटी-सी भूमिका में बिदिता बाग प्रभावी हैं. दो-ढाई दृश्य ही उनके हिस्से में हैं. अगर आपके पास समय है और आप फार्मूला राइटिंग वाली यह फिल्म सिर्फ रितेश के लिए देखना चाहें तो प्लान बना सकते हैं.

निर्देशकः शशांक घोष
सितारेः रितेश देशमुख, तमन्ना भाटिया, पूनम ढिल्लों, बिदिता बेग
रेटिंग **

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