Shakuntala Devi Review: दमदार एक्टिंग के साथ मानव कंप्यूटर की इमोशनल कहानी

एक्ट्रेस विद्या बालन (Vidya Balan) भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अदाकाराओं में शुमार रही हैं, जो आए दिन अपने नए-नए किरदारों के साथ दर्शकों को अचंभित कर देती हैं. 

Shakuntala Devi Review: दमदार एक्टिंग के साथ मानव कंप्यूटर की इमोशनल कहानी

नई दिल्ली: कहते हैं इंसान का दिमाग ही है जिसके कारण वह पूरी दुनिया पर राजा बनकर राज कर रहा है. लेकिन कुछ इंसानों का दिमाग तो इतना अलग होता है कि वह बाकी इंसानों से अलग किसी जादू की तरह नजर आता है. लेकिन भले ही दिमाग किसी कंप्यूटर की तरह चलता हो एक इंसान खासतौर पर महिला की जिंदगी में परेशानियां बराबर आती रहती हैं. एक ऐसी मानव कंप्यूटर मानी जानी वाली महिला की इमोशनल कहानी है 'शकुंतला देवी (Shakuntala Devi)'. फिल्म में लीड रोल निभाया है दमदार अदाकारा विद्या बालन (Vidya Balan) ने. 

फिल्म: शकुंतला देवी (Shakuntala Devi)
रेटिंगः 3/5
स्टार कास्ट: विद्या बालन, सान्या मल्होत्रा, अमित साध और जिशु सेनगुप्ता आदि
डायरेक्टरः अनु मेनन

एक्ट्रेस विद्या बालन (Vidya Balan) भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अदाकाराओं में शुमार रही हैं, जो आए दिन अपने नए-नए किरदारों के साथ दर्शकों को अचंभित कर देती हैं. अब एक बार फिर से विद्या बालन अपने इसी वादे को निभाते हुए अपने फैंस के बीच आईं हैं. यह कहानी ह्यूमन कंप्यूटर के नाम से मशहूर गणितज्ञ शकुंतला देवी के जीवन पर आधारित है. तो आइए आपको बताते हैं कि कैसी है ये फिल्म... 

ऐसी है कहानी
फिल्म 'शकुंतला देवी (Shakuntala Devi)' की कहानी एक महिला शकुंतला की है जो बचपन से गणित की मेधावी छात्र है, वह अपनी शर्तों पर जीती है. यह कहानी उसके  बचपन से शुरु होकर जवानी और फिर बुढ़ापे तक को दिखाती है. शकुंतला बचपन से ही कहती है कि वह घर की अप्पा (पिता) है क्योंकि सभी घरों के अप्पा कमाकर लाते हैं, और वह कमाती है तो इस तरह घर की अप्पा तो वही हुई. यह सीन वाकई हर महिला को गर्व से भर देने वाला है. फिल्म कर्नाटक से शुरू होकर लंदन तक पहुंचती है. यहां हर दूसरे सीन में ऐसा पल जरूर नजर आता है जब आपका दिल ताली बजाने का हो जाता है. देखते ही देखते पूरी दुनिया शकुंतला को ह्यूमन कंप्यूटर के नाम से पुकारने लगती है. लेकिन एक महिला की जिंदगी इतनी आसान कहां. शकुंतला देवी की उपल्ब्धियों के साथ यहां उनकी बेटी के साथ उनके रिश्तों को भी करीब से दिखाने की कोशिश की गई है. निर्देशक अनु मेनन बखूबी 'शकुंतला' के जीवन को मां-बेटी के रिश्ते पर फोकस भी किया है. बाकी फिल्म में और क्या-क्या ट्विस्ट हैं ये देखने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी. 

म्यूजिक  
फिल्म के सभी गाने बड़े ही मैलोडियस हैं. हर गाना कहानी के साथ घुलता मिलता सा हमारे दिल दिमाग में उतरता जाता है. मां बेटी के रिश्ते को दिखाने के लिए गाने का सहारा लेने का आइडिया भी काबिले तारीफ है. 

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