Fssai लागू करने वाली है ऐसी योजना, गर्व से कहेंगे- 'शुद्ध दूध पीता है इंडिया'

एक्शन प्लान के चलते सभी राज्यों को दूध की जांच के लिए 3 मशीनें दी जाएंगी. इसमें एक रैपिड टेस्टिंग मशीन होगी, जिसकी मदद से दूध में पाए जाने वाला एफ्लोटॉक्सिन, एनटिबायटिक, पेस्टिसाइड, फैट, एसएनएफ, प्रोटीन, लैक्टोस, पानी की मात्रा, यूरिया, डिटर्जेंट, सक्रोज, हाईड्रोजन परऑक्साइड की जांच की जा सकती है.

Fssai लागू करने वाली है ऐसी योजना, गर्व से कहेंगे- 'शुद्ध दूध पीता है इंडिया'
भारत में दूध को शुद्ध बनाने की कोशिश. प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: देश भर में दूध और इससे बने उत्पादों की गुणवत्ता को सुधारने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Fssai) ने एक्शन प्लान जारी किया है. इस एक्शन प्लान के तहत राज्य सरकारों के साथ मिलकर तीन दिशाओं में काम किया जा रहा है. इसमें दूध की जांच, मिलावट में रोकथाम और जागरूकता पर काम किया जाएगा.

एक्शन प्लान के चलते सभी राज्यों को दूध की जांच के लिए 3 मशीनें दी जाएंगी. इसमें एक रैपिड टेस्टिंग मशीन होगी, जिसकी मदद से दूध में पाए जाने वाला एफ्लोटॉक्सिन, एनटिबायटिक, पेस्टिसाइड, फैट, एसएनएफ, प्रोटीन, लैक्टोस, पानी की मात्रा, यूरिया, डिटर्जेंट, सक्रोज, हाईड्रोजन परऑक्साइड की जांच की जा सकती है. इसके अलावा दो हाई-एंड टेस्टिंग के लिए LC-MSMS और GC- MSMS मशीरें दी जाएंगी. इसकी मदद से दूध में मौजूद एफ्लोटॉक्सिन M1, एनटिबायटिक, पेस्टिसाइड की मात्रा का पता लगाया जा सकता है. इन तीनों मशीनों की कीमत करीब 4-5 करोड़ होगी, जिसका खर्च केंद्र सरकार उठाएगी.

हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से देश भर में सर्वे किया गया था. सर्वे के दौरान देश भर से लिए गए 41% सैंपल स्टेंडर्ड और क्वालिटी के मानकों पर खरे नहीं उतरे थे. साथ ही इसमें एफ्लोटॉक्सिन M1 भी बड़ी मात्रा में पाया गया था. एफ्लोटॉक्सिन M1 दूध में पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे से आता है. इसके लिए Fssai, पशुपालन एंव डेयरी मंत्रालय के साथ मिलकर दूध उत्पादक किसानों को जागरूक करने की दिशा में काम कर रहा है.

इसके बाद टेस्टिंग एंड इंस्पेक्शन स्कीम भी लागू की जाएगी, जिसके तहत 1 जनवरी 2020 से FSSAI की तरफ से दूध का ऑडिट किया जाएगा.

VERIFIED MILK SCHEME के तहत देश भर के मिल्क वेंडर्स को राज्य सरकारों की तरफ से एक पहचान पत्र दिया जाएगा. साथ ही दूध की गुणवत्ता नापने के लिए लैक्टोमीटर दिया जाएगा और इसे प्रयोग करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. वेरिफाइड मिल्क वेंडर बनने के लिए fssai के खास पोर्टल पर जाकर आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा. देश भर में करीब 25 लाख दूध विक्रेता हैं, जिनमें से सिर्फ 5% ही रजिस्टर्ड हैं. इस स्कीम के चलते ज्यादा से ज्यादा दूध विक्रेताओं को वेरिफाई करने की कोशिश की जाएगी.

साथ ही लोगों को वेरिफाइड दूध विक्रेताओं से ही दूध खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा. जब आप वेरिफाइड दूध विक्रेताओं से दूध खरीदेंगे तो आप ये सुनिश्चित कर पाएंगे की आपके घर तक आने वाला दूध शुद्ध और सुरक्षित है.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि पैकेट वाले दूध में 5% जीएसटी लगता है. जबकि खुले दूध में कोई जीएटी नहीं है. इस वजह से कई विक्रेताओं ने खुला दूध बेचना शुरू कर दिया है. खुले दूध में हाइजीन से लेकर क्वालिटी बनाए रखना मुश्किल होता है, इसलिए हम सरकार से अनुरोध करेंगे कि वह दूध को जीएसटी से छूट दें.

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