सूंघने की क्षमता में कमी हो सकता है अल्जाइमर का खतरा

इस क्षेत्र में किए गए सभी तरह से शोधों के बावजूद अल्जाइमर रोग का प्रभावी इलाज अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है. लेकिन अगर इस रोग के लक्षणों को पांच साल तक रोकने में भी कामयाब हो जाएं तो इस रोग से होनेवाली हानि 50 फीसदी तक कम हो सकती है. 

सूंघने की क्षमता में कमी हो सकता है अल्जाइमर का खतरा
अल्जाइमर रोग के लक्षण दिखने के 20 साल पहले से ही दिमाग को क्षति पहुंचाने लगता है. (फाइल फोटो)

टोरंटो: अगर कोई नींबू और पेट्रोल की सुगंध में अंतर को नहीं पहचान पाता है तो उसमें अल्जाइमर रोग विकसित होने का खतरा है, एक नए शोध में यह जानकारी दी गई है. यह माना जाता है कि अल्जाइमर रोग के लक्षण दिखने के 20 साल पहले से ही दिमाग को क्षति पहुंचाने लगता है. वैज्ञानिक इस रोग का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि इसका समय रहते इलाज ढूंढा जा सके. 

प्रभावी इलाज

जनरल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि इस रोग की पहचान सूंघने की साधारण जांच के जरिए की जा सकती है. मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जॉन ब्रेटनर ने कहा, "इस क्षेत्र में किए गए सभी तरह से शोधों के बावजूद अल्जाइमर रोग का प्रभावी इलाज अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है." ब्रेटनर ने कहा, "लेकिन अगर हम इस रोग के लक्षणों को पांच साल तक रोकने में भी कामयाब हो जाएं तो इस रोग से होनेवाली हानि 50 फीसदी तक कम हो सकती है." 

बीमारी के संकेत

शोध की प्रथम लेखिका और मैकगिल विश्वविद्यालय की डॉक्टोरल छात्रा मैरी-एलीसे लाफैले-मैग्नम ने बताया, "यह पहली बार हुआ कि कोई गंध की क्षमता से अनुवांशिक लक्षणों को पहचान पाया हो, जोकि बीमारी के शुरू होने का संकेत है." उन्होंने कहा, "पिछले 30 से ज्यादा सालों में वैज्ञानिकों ने स्मृति लोप और मरीजों के सूंघने की क्षमता में कमी का संबंध जोड़ पाने में सक्षम हुए हैं."