याददाश्त बढ़ाने के लिए आठ घंटे की नींद पर्याप्त

किसी भी इंसान के लिए सात से आठ घंटे की नींद पर्याप्त माना जाता है। जो लोग नई चीजों को याद करने के बाद आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेते हैं, वे उन चीजों को उनके नामों सहित ज्यादा देर तक याद रख पाते हैं। इसके साथ ही उनकी याददाश्त भी अच्छी रहती है। शोध में बताया गया है कि छोटी-छोटी झपकियां याददाश्त को बढ़ाने में मददगार होती हैं। 

याददाश्त बढ़ाने के लिए आठ घंटे की नींद पर्याप्त

नई दिल्ली : किसी भी इंसान के लिए सात से आठ घंटे की नींद पर्याप्त माना जाता है। जो लोग नई चीजों को याद करने के बाद आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेते हैं, वे उन चीजों को उनके नामों सहित ज्यादा देर तक याद रख पाते हैं। इसके साथ ही उनकी याददाश्त भी अच्छी रहती है। शोध में बताया गया है कि छोटी-छोटी झपकियां याददाश्त को बढ़ाने में मददगार होती हैं। 

ब्रिघम एंड वुमेन्स हॉस्पिटल (बीडब्लूएच) के न्यूरो साइंटिस्ट (तंत्रिका वैज्ञानिक) जैन एफ डफी के अनुसार, प्रतिभागियों के पर्याप्त नींद लेने के बाद हमने पाया कि उनमें चेहरों को नाम से पहचानने की क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उनके जवाबों में ज्यादा आत्मविश्वास भी दिखाई पड़ा।' शोध के दौरान प्रतिभागियों का बीडब्लूएच परीक्षण अस्पताल के नियंत्रित वातावरण में कराया गया। प्रतिभागियों को वयस्कों के चेहरे वाले 600 रंगीन चित्र दिखाए गए, जिनमें से 20 चेहरों को उनके नाम के साथ याद करने को कहा गया। 12 घंटे बाद उन चित्रों को सही और गलत नामों के साथ दोबारा दिखाया गया। इसके बाद प्रतिभागियों को आठ घंटों तक सोने दिया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि उन प्रतिभागियों ने चेहरों और नामों का मिलान 12 प्रतिशत तक सही ढंग से किया। 

इस शोध से पता चला कि नई चीजों को याद करने के बाद पर्याप्त नींद लेने से याददाश्त में काफी सुधार आता है। डफी के अनुसार, “नई जानकारी को याद करने के लिए पर्याप्त नींद बहुत अहम है, व्यस्तताओं के कारण अक्सर लोग सही ढंग से सो नहीं पाते हैं, जिस वजह से उन्हें याददाश्त संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अध्ययन से हमें उम्र के अनुसार लोगों की नींद संबंधी विकारों को दूर करने में मदद मिलेगी।