World Asthma Day: अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है कोरोना, ऐसे करें बचाव

सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ ये दोनों ही लक्षण कोरोना वायरस और अस्थमा दोनों बीमारियों में कॉमन हैं, लिहाजा अस्थमा के मरीजों को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानें.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | May 04, 2021, 10:36 AM IST

नई दिल्ली: ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) की ओर से हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को वर्ल्ड अस्थमा डे सेलिब्रेट किया जाता है और इस बार यह 4 मई को मनाया जा रहा है. इसका मकसद दुनिया भर के लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर जागरुकता फैलाना है. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) के अनुसार, अस्‍थमा के मरीजों को कोरोना का खतरा ज्‍यादा है. यह वायरस नाक, गले या फेफड़ों के साथ रेस्पिरेटरी ट्रैक्‍ट को नुकसान पहुंचाता है जिससे अस्‍थमा का अटैक या निमोनिया हो सकता है.

1/5

सूखी खांसी और सांस की तकलीफ- कोरोना और अस्थमा दोनों में कॉमन

common symptoms

सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ ये दोनों ही लक्षण कोरोना वायरस और अस्थमा दोनों बीमारियों में कॉमन हैं जिस वजह से कई बार यह पता लगाना मुश्किल होता है कि मरीज को अस्थमा की समस्या की वजह से ये सारे लक्षण महसूस हो रहे हैं या फिर कोरोना से संक्रमित होने की वजह से. ऐसे में बेहद जरूरी है कि अस्थमा के मरीज सतर्क रहें और अपना कोविड टेस्ट करवाएं ताकि उनका इलाज समय पर शुरू हो सके. 

2/5

दोनों ही बीमारियां फेफड़ों पर असर डालती हैं

effects lungs

अस्थमा और कोरोना वायरस ये दोनों ही मरीज के फेफड़ों पर असर डालते हैं. अगर किसी मरीज का अस्थमा बढ़ा हुआ है तो उसके फेफड़ों में सूजन हो जाती है जिससे कोरोना के लक्षण गंभीर होने का खतरा अधिक होता है. इसलिए बेहद जरूरी है कि अस्थमा के मरीज अपना ध्यान रखें और बीमारी को कंट्रोल में रखें.

3/5

इनहेलर और अस्थमा की दवा कोरोना के गंभीर लक्षण को कम कर सकती है

inhaler and asthma medicine

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड की एक स्टडी की मानें तो अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक कॉमन दवा कोविड 19 के मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकती है. इस स्टडी को लैन्सेट जर्नल में प्रकाशित किया गया है जिसके मुताबिक इन्हेलर के जरिए ली जाने वाली ग्लूकोकोर्टिकॉयड दवा गंभीर कोविड-19 और अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को कम कर सकती है. 

4/5

मास्क लगाने में दिक्कत हो तो बाहर न निकलें

wearing mask

अस्थमा के मरीज अक्सर शिकायत करते हैं कि मास्क लगाने पर उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और ऐसा लगता है कि उनका दम घुट रहा है. लिहाजा मौजूदा समय में जब कोरोना के मामले इतने ज्यादा बढ़ रहे हैं अस्थमा के मरीज घर से बाहर बिल्कुल न निकलें. 

5/5

वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर से बात करें

vaccine precautions

अगर अस्थमा के मरीजों को कोविड इंफेक्शन हो जाता है तो उन्हें तब तक वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए जब तक वे पूरी तरह से रिकवर न हो जाएं. साथ ही में अगर वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद अस्थमा के मरीजों में कोई इंफेक्शन या एलर्जी हो जाए तो रिकवर होने के कम से कम 1 महीने बाद ही दूसरी डोज लेनी चाहिए. साथ ही वैक्सीन लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर करें.

(नोट: किसी भी उपाय को करने से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें. Zee News इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

सेहत से जुड़े अन्य लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.