भारत को मिली कोरोना की एक और दवा!, 12+ पेशेंट्स को मिलेगा फायदा, कीमत होगी इतने हजार
X

भारत को मिली कोरोना की एक और दवा!, 12+ पेशेंट्स को मिलेगा फायदा, कीमत होगी इतने हजार

रोशे एंटीबॉडी कॉकटेल (Roche's Antibody Cocktail) की मदद से कोरोना वायरस से होने वाली मौत का खतरा 70 प्रतिशत तक कम किया जा सकेगा और लक्षणों की अवधि में कमी आ सकेगी।

भारत को मिली कोरोना की एक और दवा!, 12+ पेशेंट्स को मिलेगा फायदा, कीमत होगी इतने हजार

कोविड-19 महामारी (कोरोना वायरस) के खिलाफ भारत की लड़ाई और मजबूत हो गई है। क्योंकि महामारी की दूसरी लहर के बीच भारत में आज से रोशे इंडिया (Roche India) और सिप्ला कंपनी की एंटीबॉडी कॉकटेल दवा उपलब्ध हो रही है। इस दवा का नाम रोशे एंटीबॉडी कॉकटेल (Roche's Antibody Cocktail) है, जिसकी पहली खेप देश में आ गई है। वहीं, एंटीबॉडी कॉकटेल की दूसरी खेप जून के मध्य तक उपलब्ध हो जाएगी।

ये भी पढ़ें: क्या जिंक का सेवन करने वालों को ज्यादा है ब्लैक फंगस का खतरा? एक्सपर्ट्स ने जताई आशंका

क्या है रोशे एंटीबॉडी कॉकटेल (Roche's Antibody Cocktail) दवा?
रोशे इंडिया की इस कॉकटेल की डोज 1200एमजी की होगी, जिसे 600एमजी कैसिरिविमैब (Casirivimab) और 600एमजी इम्डेविमैब (Imdevimab) से मिलकर बनाया गया है। इसे देशभर में फार्मा कंपनी सिप्ला के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से लिया जा सकेगा। भारत में इसके इस्तेमाल के लिए मई में इमरजेंसी अप्रूवल दिया गया था। जिसकी मंजूरी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने दी है। इससे पहले इस दवा को अमेरिका और यूरोप में भी इमरजेंसी अप्रूवल मिल चुका है।

रोशे एंटीबॉडी कॉकटेल की कीमत (Roche's Antibody Cocktail Price)
इस एंटीबॉडी कॉकटेल के एक पैक की कीमत 1,19,500 रुपये होगी, जिसमें से दो मरीजों का इलाज किया जा सकता है। जिसका मतलब है कि प्रत्येक डोज 59,750 रुपये की मिलेगी। दोनों खेपों को मिलाकर इस दवा के करीब 1 लाख पैक भारत में उपलब्ध करवाये जाएंगे, जिससे 2 लाख मरीजों को फायदा पहुंचने की संभावना है। इसे कोविड सेंटर व अस्पताल से लिया जा सकेगा।

ये भी पढ़ें: कोरोना जैसी महामारी ने 300 साल पहले भी मचाई थी तबाही, खत्म होने में लगे 260 साल

12 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मिलेगा फायदा
इस एंटीबॉडी कॉकटेल का इस्तेमाल 12 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों, जिनका शारीरिक वजन कम से कम 40 किलोग्राम है, में किया जा सकेगा। यह दवा कोविड-19 वायरस यानी SARS-COV-2 से संक्रमित होने पर माइल्ड से मध्यम लक्षण दिखने वाले मरीजों को दी जा सकेगी, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं है। इससे ज्यादा खतरे वाले लोगों की हालत गंभीर होने से बचाई जा सकेगी। रोशे और सिप्ला के कंबाइंड बयान में कहा गया है कि यह दवा वायरस के स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ लड़ने में कारगर है और उससे बचाव प्रदान करेगी। इसके अलावा इससे मृत्यु का खतरा 70 प्रतिशत तक कम किया जा सकेगा और लक्षणों की अवधि भी 4 दिन तक छोटी की जा सकेगी।

 

Trending news