डिजिटल क्लास के दौरान आपके बच्चे को हो सकती है हेल्थ की ये गंभीर समस्या, इन बातों का रखें ध्यान

कोरोना काल में डिजिटल क्लासेस के दौरान बच्चों को कई तरह की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है, मसलन- चिड़चिड़ापन, मानसिक समस्याएं और आंखों पर स्ट्रेस. 

डिजिटल क्लास के दौरान आपके बच्चे को हो सकती है हेल्थ की ये गंभीर समस्या, इन बातों का रखें ध्यान
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से लोगों की जीवनशैली पूरी तरह से बदल गई है. इसका सबसे बड़ा प्रभाव पड़ा है एजुकेशन पर. बच्चों की पढ़ाई अब ऑनलाइन माध्यम से हो रही है. इसके लिए जूम, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, गूगल मीट का प्रयोग हो रहा है. ऐसे में पढ़ाई के लिए नई चुनौती पैदा हो गई है. डिजिटल क्लासेज से बच्चों की पढ़ाई तो हो रही है लेकिन परिवार को इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. साथ ही बच्चों को कई तरह की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है, मसलन- चिड़चिड़ापन, मानसिक समस्याएं और आंखों पर स्ट्रेस. इसलिए बच्चों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए हमारी जिम्मेदारी सबसे अहम हो जाती है.

मां-बाप के लिए जरूरी है कि वो ना केवल बच्चों की पढ़ाई का ध्यान रखें, बल्कि उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें. ये बाते रखें ध्यान

सही पोस्चर 
डिजिटल क्लासेज में सबसे जरूरी है कि बच्चों का पोस्चर सही हो. इससे उन्हें पीठ, कमरदर्द की समस्या नहीं होगी.

आंखों का रखें ध्यान
डिजिटल क्लासेज में सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है. ऑनलाइन क्लासेज के दौरान एंटी ग्लेयर ग्लास का प्रयोग करें इससे आंखों में दर्द की समस्या नहीं होगी. डॉक्टरी सलाह पर किसी अच्छे आईड्रॉप का भी प्रयोग कर सकते हैं.

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बेहतर क्वालिटी का आडियो
ऑडियो के लिए बेहतर क्वालिटी का हेडफोन का इस्तेमाल करें. इससे बच्चे को जो भी चीज पढ़ाई जा रही है वह स्पष्ट सुनाई देगी क्योंकि ऑडियो में गड़बड़ी से उसका ध्यान भटक सकता है और विषय उसे सही से समझ नहीं आएगा. 

ज्यादा देर कंप्यूटर स्क्रीन पर न बैठें
लगातार कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने से बच्चे को तनाव हो सकता है. यह भी जरूरी है कि आप बीच-बीच में  बच्चों को कुछ एक्स्ट्राकुरीकलर एक्टिविटीज में भी शामिल करें.

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घर में रहते हुए योगा या प्राणायाम करें
घर में बच्चों को एक्सरसाइज कराना बेहद जरूरी है. इससे उनकी फिटनेस बनी रहती है. बच्चों को योग कराएं, डांस थेरेपी भी बच्चों के लिए कारगर हो सकती है. इनडोर कुछ गेम भी प्लान करें.

मानव संसाधन मंत्रालय ने जारी की हैं ये गाइडलाइंस

- प्री-प्राइमरी स्टूडेंस के लिए ऑनलाइन क्लास का समय 30 मिनट से ज्यादा नहीं होना चाहिए
- कक्षा 1 से 8 के लिए दो ऑनलाइन सेशन होंगे. एक सेशन में 45 मिनट की कक्षा होगी
- कक्षा 9 से 12 के लिए 30-45 मिनट की अवधि के चार सेशन होंगे.

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