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ZEE जानकारी: कुछ ही घंटों के बाद देश की जनता का फैसला होगा सबके सामने

हमें इन नतीजों को लेकर सकारात्मक रहना चाहिये क्योंकि ये जनता की राय है, उसके फ़ैसले की इज़्ज़त करना हमारा कर्तव्य है. 

ZEE जानकारी: कुछ ही घंटों के बाद देश की जनता का फैसला होगा सबके सामने

बस 11 घंटे बाक़ी हैं... कल सुबह 8 बजे से लोकसभा चुनाव के रुझान और नतीजे आने शुरू हो जाएंगे.

वैसे तो आज की रात देश करवटें बदलता रहेगा, लेकिन हम ये कहेंगे कि ये बेचैन होने का वक़्त नहीं है. ये सकारात्मक होने का वक़्त है. हमें इन नतीजों को लेकर सकारात्मक रहना चाहिये क्योंकि ये जनता की राय है, उसके फ़ैसले की इज़्ज़त करना हमारा कर्तव्य है. और अगर कोई उसपर सवाल उठाता है तो ये माना जाएगा कि वो देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान कर रहा है और भारत के संविधान पर उसका यक़ीन ख़त्म हो गया है.

लेकिन बात सिर्फ़ इतनी नहीं है. एक्ज़िट पोल के बाद से देश में जो अराजक माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है, वो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिये बड़ा ख़तरा बन सकती है क्योंकि...लोकतंत्र के दुश्मन आतंकवादी और नक्सली ही नहीं...बल्कि ऐसे लोग भी हैं जो देश की निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर यक़ीन नहीं रखते, बल्कि उन्हें वंशवादी राजनीति पर ज़्यादा भरोसा है. ये वो लोग हैं जो अपनी हार बर्दाश्त नहीं कर सकते. आज हम भारत के लोकतंत्र पर मंडराने वाले इस सबसे बड़े ख़तरे को ख़त्म करने का प्रयास करेंगे. 

ज़ी न्यूज़ चुनाव के नतीजों पर सबसे बड़ी कवरेज कर रहा है. कल हमारे स्पेशल इलेक्शन स्टूडियो में सुबह 6 बजे से वो निर्णायक कवरेज शुरू होगी...जो आख़िरी नतीजों और उनके आंकलन तक जारी रहेगी. चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करने के लिये ज़ी न्यूज़ पर experts का एक बड़ा पैनल होगा. कल के लिए हमारी तैयारी तो पूरी है, लेकिन आपको भी तैयारी करनी होगी. आपको अपनी सोच को Positive रखते हुए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रिक फैसले का स्वागत करना होगा और हम इसमें आपकी पूरी मदद करेंगे. अफ़वाह वाली रणनीति को ईमानदार सूचना वाले प्रसारण से हराया जा सकता है.

आप तक हर सीट की सबसे सटीक और विस्तृत जानकारी पहुंचे...इसके लिये आज ज़ी न्यूज़ की टीम रातभर काम करेगी. ज़ी न्यूज़ पर सुबह 6 बजे से लगातार कवरेज शुरू होगी और सुबह 8 बजे से हमें रुझान मिलने शुरू हो जाएंगे. ये कवरेज 170 देशों में 130 करोड़ से ज़्यादा लोग पहुंचेगी, यानी दुनिया का हर पांचवा व्यक्ति कल ज़ी न्यूज़ पर भारत के लोकतंत्र का जश्न मनाएगा. भारत के चुनाव की इस ग्लोबल कवरेज में आपके लिये तथ्यों का ऐसा मूल्यांकन होगा जो आपको कहीं और नहीं मिलेगा. इसके लिये ज़ी न्यूज़ की टीम ने बहुत मेहनत की है, कल उस मेहनत को अंजाम देने का दिन है. इस बार EVM का बटन दबाने के लिये देश के हर वोटर ने भी बहुत मेहनत की है. वो कड़ी धूप में निकलकर मतदान केंद्र तक पहुंचा है...वहां लंबी कतार में लगे रहने के बाद उसने अपने देश के विकास के लिये वोट दिया है. लेकिन विपक्ष के नेता उस मेहनत को बर्बाद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. और ये आपके वोट का सबसे बड़ा अपमान है.

आज चुनाव आयोग से विपक्षी दलों को एक बड़ा झटका लगा है. आयोग ने VVPAT की पर्चियों के EVM से मिलान की उनकी मांग ख़ारिज कर दी है. चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि मतगणना की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा. हर सीट के 5 VVPAT की पर्चियों को ही EVM से मिलाया जाएगा...और ये काम, सभी वोटों की गिनती के बाद किया जाएगा. विपक्ष की मांग थी कि अगर VVPAT पर्चियों के मिलान में गड़बड़ी पाई जाती है तो सभी मतदान केंद्रों की VVPAT पर्चियों को गिना जाये. कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं.

यानी अब इस पूरे सिस्टम को लोकतंत्र का खलनायक बनाकर पेश किया जा रहा है. हमारे देश में कुछ तत्व ऐसे हैं जो लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुश्मन बन चुके हैं. Exit Polls आने के बाद विपक्ष ने EVM को विलेन साबित करने की एक मुहिम छेड़ दी है. पूरा विपक्ष ये नारे लगा रहा है कि EVM चोर है.
चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की ये रणनीति लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है. EVM बदले जाने की अफ़वाह फैलाकर हिंसा भड़काने और ख़ून बहाने वाली धमकियां भी दी जा रही है.

कल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के हारने पर सड़क पर ख़ून बहाने की धमकी दी थी...इसके बाद आज बिहार में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है...

और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसने हथियार दिखाकर ये कहा है कि अगर गठबंधन के नेता आदेश देते हैं तो वो सैकड़ों समर्थकों के साथ गोली चलाने के लिये तैयार है. यानी खून-खराबा करने का प्लान बन चुका है. बस एक इशारे की देर है. आज आप भी इन ख़तरनाक इशारों को देखिए और ये समझिए कि लोकतंत्र के सबसे बड़े दुश्मन कौन हैं ?

रामचंद्र यादव पर चुनाव आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है. उसका लाइसेंसी हथियार ज़ब्त किया जाएगा और उसका लाइसेंस रद्द होगा. फिलहाल बिहार पुलिस उसे गिरफ़्तार करने की कार्रवाई कर रही है. उसने जो बातें कही हैं, वो दुख पहुंचाती हैं और क्रोधित करती हैं...कोई भी ज़िम्मेदार और देश से प्यार करने वाला नागरिक इन बातों को बर्दाश्त नहीं करेगा. 

हालांकि विपक्ष के नेगेटिव एजेंडे से दूर.. बहुत सारे लोग कल आने वाले नतीजों से पहले ही खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे हैं. बीजेपी के समर्थक, अपने अलग अलग दफ़्तरों को सजा रहे हैं. लेकिन बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने नतीजों से पहले विपक्ष के लिए सवालों वाली सजावट की है. ये विपक्ष के लिए सवालों वाला गिफ़्ट है.

उनका पहला सवाल ये है कि EVM की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाने वाली पार्टियां कभी न कभी EVM से ही चुनाव जीती हैं, अगर उन्हें शक था तो उन्होंने सत्ता को ग्रहण क्यों किया ?

दूसरा सवाल ये है कि पांच VVPAT गिनने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है, क्या विपक्ष उसके ख़िलाफ़ है?

तीसरा सवाल - मतगणना से सिर्फ दो दिन पहले विपक्ष चुनावी प्रक्रिया बदलने की मांग कर रहा है..क्या ये असंवैधानिक नहीं है?

चौथा सवाल - विपक्ष exit poll के आधार पर EVM की विश्वसनीयता पर कैसे प्रश्न उठा सकता है?

पांचवां सवाल - जब चुनाव आयोग ने EVM को हैक करने की चुनौती दी थी... तब सभी विपक्षी दल इससे पीछे क्यों हट गये?

और छठा सवाल ये है कि कुछ विपक्षी दल चुनावी नतीजे, अपने मन मुताबिक़ ना आने पर ‘हथियार उठाने’ और “खून की नदियां बहाने“ जैसे आपत्तिजनक बयान दे रहे है. ऐसे में विपक्ष को ये बताना चाहिए कि वो किसे चुनौती दे रहा है?

चुनाव में हिंसा तो देश ने बहुत देखी है...लेकिन इस बार नतीजों को लेकर भी धमकी दी जा रही है. भारत को इस वक़्त इंडोनेशिया में हुई हिंसक घटना से सबक़ लेने की ज़रूरत है. इंडोनेशिया में चुनाव के नतीजे आने के बाद हारने वाले उम्मीदवार के समर्थकों ने हिंसा शुरू कर दी है. इस दौरान 6 लोगों की मौत हुई है जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं. अगर हमारे देश में नेता ऐसे ही बयान देते रहे तो यहां भी परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं. 

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