कोरोना के कहर के बीच इन 3 राज्यों में आसमान से बरसी आफत, ढाई लाख लोगों ने घर छोड़ा

कोरोना के कहर के बीच नॉर्थ-ईस्ट के तीन राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय बाढ़ की चपेट में हैं.

कोरोना के कहर के बीच इन 3 राज्यों में आसमान से बरसी आफत, ढाई लाख लोगों ने घर छोड़ा
असम के सात जिले बाढ़ की चपेट में हैं...

गुवाहाटी: कोरोना के कहर के बीच नॉर्थ-ईस्ट के तीन राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय बाढ़ की चपेट में हैं. इन तीन राज्यों के 350 से अधिक गांवों के ढाई लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम तीन लोगों की जान गई है. मेघालय के पांच जिले बाढ़ से प्रभावित हैं.  

ईटानगर में अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात दिबांग घाटी जिल के अरजू गांव में भारी भूस्खलन हुआ जिसमें एक महिला और उसके दो बच्चे जमीदोंज हो गए. राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घटना पर शोक जताते हुए मृतक महिला के परिजनों को 4 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया है. पिछले कुछ दिन से राज्य सें लगातार बारिश जारी है जिससे पूरे राज्य में हालात खराब हो गए हैं. 

असम में बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभाव 
असम में मंगलवार को बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या पांच से बढ़कर सात हो गई. एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर लगी फसल जलमग्न हो गई. बाढ़ के कारण लगभग 1.95 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि गोलपारा और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों को 35 राहत शिविरों में शरण दी गई है. 

ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशार से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग ने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट जिले में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है जबकि जिया भराली सोनितपुर जिले में खतरे के निशान से ऊपर थी. प्राधिकरण द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, गोलपारा में सबसे अधिक 1.68 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं जबकि नलबाड़ी में 10,943 और डिब्रूगढ़ में 7,897 लोग प्रभावित हैं. 

इसमें कहा गया है कि तिनसुकिया में बाढ़ से 3,455 लोग प्रभावित हैं जबकि लखीमपुर में 2,970, दरांग में 845 और धेमाजी में 610 लोग प्रभावित हैं. नलबाड़ी जिले में एक तटबंध टूट जाने से सड़क डूब गई. बुलेटिन में कहा गया है कि नलबाड़ी जिले में मानस नदी पर लकड़ी का एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया वहीं गोलपारा जिले में भी एक सड़क पुल के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. 

(इनपुट: IANS से)