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Surgical Strike के 3 साल: 10 प्वाइंट में जानें सेना ने कैसे लिया था उरी के शहीदों का बदला

भारतीय सेना ने 29 सितंबर, 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. 

Surgical Strike के 3 साल: 10 प्वाइंट में जानें सेना ने कैसे लिया था उरी के शहीदों का बदला
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: तीन साल पहले (29 सितंबर 2016) आज ही के दिन भारतीय सेना (Indian army) ने आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक(surgical strike) कर उरी हमले के शहीदों का बदला लिया था. यह दिन भारतीय सेना के इतिहास में विशेष महत्व रखता है. भारतीय सेना ने एलओसी (LoC) पार कर पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. 

क्यों की गई थी सर्जिकल स्ट्राइक
आतंकवादियों ने 18 सितम्बर 2016 को सुबह साढ़े 5 बजे उरी सेक्टर के पास स्थित आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला किया था. आतंकियों की योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जाए. इस हमले में सेना के 18 जवान शहीद हुए थे. चारों आतंकियों को सेना ने मार गिराया था.  भारत सरकार ने इस हमले को बहुत गंभीरता से लिया और आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला लिया गया. 

कैसे दिया गया सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम
1- ऑपरेशन के लिए भारतीय सेना ने पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) Para SF को चुना. ऑपरेशन PoK में रात 12:30 बजे शुरू हुआ.
2- Para SF के कमांडो को हेलिकॉप्टर से LoC पर उतारा गया
3- कमांडो ने कुछ किलोमीटर की दूरी रेंगकर तय की
4- सेना को आतंकी ठिकानों की पहले से सटीक जानकारी थी
5- कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से पूरी तरह से लैस थे
6- ऑपरेशन सुबह 4:30 बजे खत्म हुआ
7- सेना ने PoK में चार अलग-अलग सेक्टर में ऑपरेशन किए
8- करीब 40-50 आतंकियों को मार गिराया
9- आतंकियों के 7 कैंप पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई के बाद सभी सैनिक सही सलामत वापस लौट आए. 
10- पीएम मोदी ने खुद पूरे ऑपरेशन की निगरानी की. सेना प्रमुख, रक्षा मंत्री, NSA अजीत डोभाल ऑपरेशन से जुड़े थे.