ZEE जानकारी: 03 दिसंबर के इतिहास में क्या-क्या लिखा है?

1884 में आज के दिन भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म हुआ था. 

ZEE जानकारी: 03 दिसंबर के इतिहास में क्या-क्या लिखा है?

1884 में आज के दिन भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म हुआ था.  डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 1950 से 1962 तक भारत के राष्ट्रपति रहे . वो भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे . संविधान सभा ने देश के संविधान का प्रारूप तैयार किया था . बिहार के सीवान में जन्में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के बारे में एक कहानी बहुत मशहूर है . उनकी बुद्धिमानी से प्रभावित होकर एक बार... परीक्षक ने उनकी Answer sheet पर एक यादगार वाक्य लिख दिया था, और वो वाक्य था - "परीक्षार्थी, परीक्षक से बेहतर है" . अर्थशास्त्र में M.A करने के बाद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने मुजफ्फरपुर और कोलकाता में बतौर Professor भी काम किया था . वर्ष 1962 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था .

वर्ष 1889 में आज ही के दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सिपाही खुदीराम बोस का जन्म हुआ था .  सिर्फ 18 साल की उम्र में देश के लिए जान देने वाले खुदीराम बोस का जन्म पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में हुआ था . उन्होंने नौवीं कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी थी और इसके बाद देश के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गये थे . स्कूल छोड़ने के बाद खुदीराम बोस, युगांतर पार्टी के सदस्य बने . इस संगठन को अंग्रेजों के खिलाफ हथियार-बंद आंदोलन में भरोसा था . 11 अगस्त 1908 को ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें फांसी दे दी . खुदीराम बोस की शहादत के बाद बंगाल में कई दिनों तक स्कूल बंद रहे थे . वो नौजवानों में इतने लोकप्रिय हुए कि नौजवानों की धोती और कमीज पर ''खुदीराम'' लिखा होता था .

1971 में आज ही के दिन भारतीय वायु सेना के Radar Installations और Forward Air bases पर  पाकिस्तानी वायु सेना ने हमला किया था. पाकिस्तान ने इस हमले का Code name रखा था- Operation चंगेज़ ख़ान . इसके तहत 11 भारतीय Air fields और कश्मीर के कुछ हिस्सों पर हमला किया गया था . हालांकि भारत की ज़बरदस्त कार्रवाई की वजह से पाकिस्तान को सफलता नहीं मिली थी . इस घटना को 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की शुरुआत माना जाता है .

और,
2011 में आज के दिन हिन्दी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद का निधन हुआ था . उनकी उम्र 88 वर्ष थी . 85 रुपये प्रति महीने के वेतन से अपना करियर शुरु करने वाले देव आनंद का फिल्मी करियर 65 वर्षों का था . एक अभिनेता के तौर पर उनकी पहली फिल्म 1946 में आई थी जिसका नाम था ''हम एक हैं". इसके बाद उन्होंने 114 हिन्दी फिल्मों में अभिनय किया . इनमें से 104 फिल्में ऐसी थीं, जिनमें देव आनंद solo lead hero की भूमिका में थे . 'गाइड'  देवानंद की सबसे यादगार फिल्मों में एक है . वर्ष 2001 में उन्हें पद्म भूषण और 2002 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.