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सुप्रीम कोर्ट में चार जजों ने ली शपथ, लंबे अरसे बाद 31 जजों की हुई पूर्ण क्षमता

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट काॅलेजियम ने जस्टिस भूषण रामक्रष्ण गवई और जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट प्रोन्नत करने की सिफ़ारिश की थी.

सुप्रीम कोर्ट में चार जजों ने ली शपथ, लंबे अरसे बाद 31 जजों की हुई पूर्ण क्षमता
फाइल फोटो

नई दिल्लीः चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में चार नए जजों को शपथ दिलाई है.जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस एएस बोपन्ना के पद ग्रहण करने के बाद सुप्रीम कोर्ट मे 31 जजों की पूर्ण क्षमता हो गई है. बुधवार को राष्ट्रपति ने बाॅम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस भूषण रामक्रष्ण गवई, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत,झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अनिरुद्धबोस और गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ए.एस बोपन्ना को सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए नियुक्त किया था.

चार जजों की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट में कुल 31 जजों की संख्या पूरी हो गई है.दरअसल, सुप्रीम कोर्ट काॅलेजियम ने जस्टिस भूषण रामक्रष्ण गवई और जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट प्रोन्नत करने की सिफ़ारिश की थी. जस्टिस गवई बाम्बे हाईकोर्ट के जज है जबकि जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं.उधर, दो हाईकोर्ट के दो चीफ जस्टिस की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की काॅलेजियम की सिफारिश को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के बाद काॅलेजियम ने फिर से सरकार को इसपर विचार करने को कहा था.

सुप्रीम कोर्ट काॅलेजियम ने झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अनिरुद्धबोस और गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ए.एस बोपन्ना के प्रमोशन की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने उनके नामों को वापस लौटा दिया था.केंद्र सरकार ने वरिष्ठता क्रम और क्षेत्र के मुताबिक प्रतिनिधित्व को कारण बताते हुए इन सिफारिशों को खारिज किया था.काॅलेजियम की ओर से भेजे गए दोनों नामों में से जस्टिस बोस का हाई कोर्ट कलकत्ता उच्च न्यायालय है और वह जजों की सीनियॉरिटी के मामले में पूरे भारत में 12 वें नंबर पर हैं, जबकि जस्टिस बोपन्ना का पैरंट कोर्ट कर्नाटक उच्च न्यायालय है, भारत में 36वें स्थान पर आते हैं. 

इससे पहले सरकार ने पिछले साल भी बोस का नाम कलीजियम को वापस कर दिया था, जब उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की गई थी.काॅलेजियम ने दोनों जजों के नामों का प्रस्ताव देते हुए लिखा था कि जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस ए.एस बोपन्ना के नामों की सिफारिश करते हुए कलीजियम ने मेरिट के साथ ही ऑल इंडिया लेवल पर जजों की सीनियॉरिटी का भी ख्याल रखा है.काॅलेजियम ने अपने प्रस्ताव में लिखा थाकि काॅलेजियम ने इस बात को भी अपने प्रस्ताव में ध्यान रखा है कि देश के सभी उच्च न्यायालयों का सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व हो सके.