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हवाई सुरक्षा होगी अचूक, ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर भारत को मिलेगा चौथा S-400, पाक को लगेगी मिर्ची

ऑपरेशन सिंदूर का वर्षगांठ इस साल मई में मनाई जाएगी, इससे पहले भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन मिलेगा. इस बात की पुष्टि रूस की ओर से की गई है. वहीं, इस स्क्वाड्रन की आखिरी यूनिट के साल 2027 में मिलने की संभावना है. 

हवाई सुरक्षा होगी अचूक, ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर भारत को मिलेगा चौथा S-400, पाक को लगेगी मिर्ची

S-400 Defence System: भारत की वायुरक्षा प्रणाली को और मजबूती मिलने जा रही है. रूस की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है, कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन इसी साल मई के महीने में भारत को मिल सकता है. वहीं, इसका पांचवा स्क्वाड्रन साल 2027 में मिलने की संभावना है. सबसे खास बात है कि मई के महीने में ही ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ भी मनाई जाएगी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 ने बड़े हवाई हमलों को रोकने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी. 

दरअसल, एस-400 दुनिया का सबसे एडवांस सर्फेस-टू एयर मिसाइल सिस्टम है. भारत में इसको सुदर्शन चक्र के नाम से जाना जाता है. ये मल्टी लेयर एयर डिफेंस का हिस्सा है. यह दुश्मन के ड्रोन या लड़ाकू विमान को रोकने की क्षमता रखता है. भारत के पास फिलहाल तीन एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम है. यह देश के उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. 

भारत की वायुरक्षा प्रणाली को मिलेगी मजबूती 

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इस बीच वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि चौथे स्क्वाड्रन के शामिल होने के बाद भारत को पश्चिमी और उत्तरी दोनों मोर्चों पर आने वाले खतरों के मद्देनजर अपनी हवाई तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. भारत ने साल 2018 में रूस से करीब 40,000 करोड़ रुपये में पांच एस-400 रेजिमेंटल सेटों को खरीदने के लिए एक समझौता किया था. पहला एस-400 भारत को साल 2021 में मिला था. इसको पंजाब में तैनात किया गया था. वहीं, बाद की इकाइयों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर, पठानकोट- पंजाब सेक्टर और राजस्थान और गुजरात सहित पश्चिमी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया गया था. 

ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने निभाई अहम भूमिका 

गौरतलब है कि पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के बाद एस-400 की इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक काफी कम हुआ है. अब रूस से मिसाइल रिफिलमेंट चल रहा है, जिससे सभी स्क्वाड्रम पूरी क्षमता के साथ तैयार रहें. माना जा रहा है कि जैसे ही चौथा स्क्वाड्रन मिलेगा, भारत की एयर डिफेंस लगभग पूरी हो जाएगी. बताया जा रहा है कि यह सिस्टम भारत की रणनीतिक डिटरेंस का मजबूत आधार बनेगा. 

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जानिए क्या है एस-400 की खासियत 

  • एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की ट्रैकिंग रेंज 600 किलोमीटर के करीब है. 
  • इस एयर डिफेंस सिस्टम की मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है. 
  • यह एक साथ 100 लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है. वहीं, 6 से 36 लक्ष्यों को एक साथ नष्ट कर सकता है. 
  • इस डिफेंस सिस्टम को आसानी से ट्रक पर पां से 10 मिनट में तैनाय किया जा सकता है. 
  • साल 2018 में अक्टूबर में भारत और रूस के बीच पांच एस-400 रिजिमेंटल सेट्स की डील हुई थी. 
  • इस सेट्स की कीमत करीब 40,000 करोड़ रुपये के बराबर है. 

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