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चंडीगढ़: पटाखों की चिंगारी ने पांच लोगों की छीन ली आंखों की रोशनी, कई घायल

पटाखे जलाने से 15 की आंखें गंभीर रूप से झुलस गई है जिनमें से ज्यादातर बच्चें हैं.

चंडीगढ़: पटाखों की चिंगारी ने पांच लोगों की छीन ली आंखों की रोशनी, कई घायल
पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं

चंडीगढ़: दिवाली पर इस बार पटाखों की चिंगारी ने 5 लोगों की आंखों की रोशनी छीन ली है. पीजीआई एडवांस आई सेंटर दिवाली की रात में 15 मरीज पहुंचे. जिनकी आंखें पटाखों की चिंगारी के चलते गंभीर रूप से घायल हो गई थी. पटाखे जलाने से 15 की आंखें गंभीर रूप से झुलस गई है जिनमें से ज्यादातर बच्चें हैं. इनमें से पांच घायलों की आंखों की रोशनी तक चली गई है. पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं. उनमें चंडीगढ़ से एक, पंजाब से एक, हरियाणा से दो और हिमाचल के सोलन से एक है. 

पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में इनकी रात को सर्जरी की गई है. पंजाब के फिरोज़पूर से आए 4 साल के मरीज़ के पिता ने बताया कि बच्चा अकेले पटाखा जलाने गया तो वो झूलस गया. वहीं दसवीं में पढने वाली हरियाणा से पीजीआई पहुंची मीनाक्षी ने बताया कि उसका भाई पटाखे जला रहा था और वो पास में खड़ी देख रही थी लेकिन पटाखे की चिंगारीयां उसकी आंखों तक पहुंच गई जिसके कारण उसकी आखों का ऑपरेशन करना पड़ा. फिलहाली मीनाक्षी की एक आंख की रोशनी चली गई है और डॉ के मुताबिक एक और सर्जरी करनी पडेगी.

पीजीआई डॉक्टर सवलीन ने बताया कि दिवाली की रात में कुल 15 मरीज़ एडवांस आई सेंटर पहुंचे जिनमें से 5 की सर्जरी करनी पडी. उन्होंने बताया कि कुछ दिनों में पता चल पाएगा कि इन मरीज़ों का विजन कितना परसेंट वापिस आएगा. इसके अलावा, दस अन्य की भी आंखें झुलस गई हैं. हालांकि, फिलहाल ये लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि दूरदराज के इलाकों से मरीजों के आने का सिलसिला जारी है. डॉ. हिमांशु ने बताया कि पटाखे जलाने के वक्त ही नहीं बल्कि पटाखे जलाने वालों के आस पास खड़े होने के वक्त भी ध्यान रखें क्योकिं ऐसे ज्यातादर मामले सामने आए हैं जिसमें पास में खडे हुए लोग चोटिल हुए हैं. उन्होने बताया कि 15 में से आधे मरीज़ चंडीगढ़ से आए हैं.

गौरतलब है कि पीजीआई मैनेजमेंट की ओर से पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर में शनिवार से मंगलवार तक के लिए 24 घंटे इमरजेंसी में डॉक्टर विशेष टीम तैनात की गई है. इसके अलावा 20 बेड इसके लिए खाली रखे गए हैं. पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगत राम ने बताया कि घायलों का इलाज चल रहा है कोशिश है कि किसी की आंखों की रोशनी न जाए. वहीं अगर चंडीगढ़ में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर 32 और जीएमसीएच 16 की बात करें तो यहां भी 8 और 27 ऐसे मरीज़ पहुंचे जिनकी आखों में पटाखों की चिंगारीयां चली गई थी. 

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हालांकि ज्यादातर मरीजों की आंखों में पटाखों की वजह से मामूली क्षति को डॉक्टर ने फौरन इलाज कर दूरकर घर के लिए भेज दिया जबकि कई मरीज़ों की आंख की सर्जरी करनी पड़ी. हालांकि पटाखों को कारण घायल हुए मरीज़ों की बात करें तो 100 से ज्यादा मरीज़ चंडीगढ़ के अल्ग अल्ग सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे. पीजीआई डाक्टरों के मुताबिक हर साल मरीज़ों की गिनती कम हो रही है लेकिन अभी भी लोगों में जागरूकता की कमी नज़र आती है.