वर्ष 2016 में 9,474 छात्रों ने की आत्महत्या, महाराष्ट्र में सर्वाधिक 1350 मामले

देश में बढ़ रहे छात्रों की आत्महत्या के मामलों के बारे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं.

वर्ष 2016 में 9,474 छात्रों ने की आत्महत्या, महाराष्ट्र में सर्वाधिक 1350 मामले
केंद्रीय मंत्री हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 में 9,474 छात्रों ने आत्महत्या की.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: देश में बढ़ रहे छात्रों की आत्महत्या के मामलों के बारे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. वर्ष 2014 से 2016 के बीच देश भर में 26,600 छात्रों ने आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बुधवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 में 9,474 छात्रों ने, वर्ष 2015 में 8,934 छात्रों ने और वर्ष 2014 में 8,068 छात्रों ने आत्महत्या की. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में छात्रों की आत्महत्या के सर्वाधिक 1,350 मामले महाराष्ट्र में दर्ज हुए. वहीं पश्चिम बंगाल में आत्महत्या के 1,147 और तमिलनाडु में 981 मामलों के साथ मध्य प्रदेश में 838 मामले दर्ज हुए.

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देशभर में फ्री 24X7 हेल्पलाइन
मंत्री गंगाराम ने बताया कि वर्ष 2015 में आत्महत्या के महाराष्ट्र में 1,230 मामले, तमिलनाडु में 955 मामले दर्ज हुए. वहीं छत्तीसगढ़ में 730 मामले और पश्चिम बंगाल में 676 मामले दर्ज हुए. आपको बता दें कि पढ़ाई के तनाव से प्रभावित छात्रों के लिए देशभर में फ्री 24X7 हेल्पलाइन चलाई गई हैं. हर वर्ष लाखों की संख्या में छात्र विभिन्न संस्थानों में दाखिला लेते हैं.

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