संसद वीडियोग्राफी मामले में AAP सांसद भगवंत मान दोषी, मौजूदा सत्र के लिए निलंबित करने की सिफारिश

संसद का वीडियो बनाने के मामले में आप सांसद भगवंत मान को संसद की सुरक्षा के खिलवाड़ करने का दोषी पाया गया है।कमेटी ने मान को संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र से निलंबित करने की सिफारिश की गई है। सदन में शुक्रवार को इस पर प्रस्ताव लाकर फैसला किया जाएगा। कमेटी ने इस मामले की रिपोर्ट गुरुवार को सदन के सामने रखी।

संसद वीडियोग्राफी मामले में AAP सांसद भगवंत मान दोषी, मौजूदा सत्र के लिए निलंबित करने की सिफारिश

नई दिल्ली: संसद का वीडियो बनाने के मामले में आप सांसद भगवंत मान को संसद की सुरक्षा के खिलवाड़ करने का दोषी पाया गया है।कमेटी ने मान को संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र से निलंबित करने की सिफारिश की गई है। सदन में शुक्रवार को इस पर प्रस्ताव लाकर फैसला किया जाएगा। कमेटी ने इस मामले की रिपोर्ट गुरुवार को सदन के सामने रखी।

सांसद मान ने जुलाई महीने में संसद के अंदर से फेसबुक पर लाइव किया था। इसके बाद 22 जुलाई को भगवंत मान ने इस मामले में बिना शर्त माफी मांग ली थी। लेकिन मामला यहां तक ही शांत नहीं हुआ। मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई।

भगवंत मान द्वार संसद परिसर का वीडियो बनाने से सभी सांसद नाराज थे। सभी नेताओं का मानना है कि ऐसा वीडियो बनाना सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना है। खुद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी मान के इस तरह के व्यवहार से काफी नाराज हैं।

इससे पहले स्पीकर ने भगवंत मान को समन किया थी और उनके द्वारा बनाए गए वीडियो पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने मान को बताया कि आपकी यह गल्ती माफी योग्य नहीं है। हालांकि भगवंत मान बार-बार यह सफाई देते रहे कि उन्होंने सुरक्षा में चूक के इरादे से यह वीडियो नहीं बनाया।

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान वीडियो बनाते हुए जिस द्वार से होकर उच्च सुरक्षा क्षेत्र में दाखिल हुए थे, पैनल ने उस द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की पिछले सप्ताह बात सुनी थी। इन सुरक्षाकर्मियों को बुलाने के पीछे का उद्देश्य यह पता लगाना था कि सुरक्षा तंत्र में कहीं किसी किस्म की खामी तो नहीं थी।

इस कमेटी का अध्यक्ष किरीट सोमैया को बनाया गया था। सोमैया के अलावा, पैनल में भाजपा के दो सदस्य मीनाक्षी लेखी और सत्यपाल सिंह भी थे।

समिति को भगवंत मान के आचरण और संसद एवं उसके भीतर की यात्रा का सीधा प्रसारण दिखाने के उनके कृत्य की जांच का काम सौंपा गया था। इसके साथ ही समिति सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जांच की और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय भी बताए हैं।