Dharmendra Deol: अपने जमाने के मशहूर एक्टर धर्मेंद्र देओल उम्र संबंधी समस्याओं के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है रिपोर्ट की मानें, तो उनकी हालत नाजुक है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है. धर्मेंद्र ने सियासत में भी कदम रखा था हालांकि इस वजह से अलविदा कह दिया.
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Dharmendra Deol Health Update: अपने जमाने के मशहूर एक्टर धर्मेंद्र देओल की हालत काफी ज्यादा नाजुक है. उनके फैंस उनके लिए दुआएं कर रहे हैं. धर्मेंद्र देओल ने शोले, हुकूमत, इंसानियत दुश्मन जैसी फिल्मों में काम किया, उनके किरदार ने पूरे देश में तहलका मचाया, धर्मेंद्र के नक्शेकदम पर उनके बेटे भी चले, हालांकि बढ़ते हुए दिन के साथ धर्मेंद्र ने सियासत में भी कदम रखा और साल 2004 में बीकानेर से सांसद बने. उनकी पत्नी बीजेपी सांसद हेमा मालिनी और बीजेपी के प्रचार कैंपेन में उन्हें जीत तो मिल गई इसके बावजूद भी उनका मन सियासत में नहीं लगा. जानिए आखिर उन्होंने राजनीति को क्यों अलविदा कहा.
बंट जाता है लोगों का प्यार
साल 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक्टर धर्मेंद्र देओल पर बीकानेर से दांव लगाया और धर्मेंद्र ने लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. हालांकि उनका मन सियासत में नहीं लगा और वो राजनीतिक उठा-पटक से काफी ज्यादा हैरान हो गए और साल 2008 में पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि 'मैं ये बिल्कुल नहीं कहूंगा कि राजनीति में आना एक गलती थी. बस इतनी बात है कि एक कलाकार को हमेशा कलाकार रहना चाहिए क्योंकि जैसे ही आप राजनेता बनते हैं, लोगों का प्यार बंट जाता है. वो आपको एक अलग नज़र से देखने लगते'.
क्यों कहा राजनीति को अलविदा
इसके अलावा आगे कहा कि फैंस फिल्मों के किरदारों को पसंद करते हैं. उस पर जान लुटाते हैं लेकिन राजनीति की वजह से उनके किरदार का विरोध होने लगता है और लोग सिनेमा के किरदार को कहीं पीछे छोड़ देते हैं. धर्मेंद्र को अपने सियासी क्षेत्र में न आने की वजह से कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. उन्हें लेकर कई तरह की बेतुकी टिप्पणी की गई. उनका कहना था कि उन्होंने राजनीति में कई काम किए लेकिन उसका दिखावा नहीं किया. ऐसे में उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया.
मिल चुका है पद्म भूषण
बता दें कि हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला. इसके अलावा वह भारत की 15 वीं लोकसभा के सदस्य थे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से राजस्थान में बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे. 2012 में उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.