मुंबई के बाद अब राजस्थान में भी तीन दिनों के लिए मीट बिक्री पर लगा बैन

मुंबई में एक तरफ मीट बैन को लेकर मामला गर्माता जा रहा है वहीं जैन समाज के त्योहारों के कारण अब मुंबई के बाद राजस्थान में भी तीन दिनों के लिए मीट बिक्री पर बैन लगा दिया गया है। 17 से 18 सितंबर को पर्यूषण पर्व और 27 को अनंत चतुर्दशी होने के कारण राजस्थान में मीट नहीं बेचने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के मद्देनजर  जिला कलेक्टर के साथ-साथ सभी जगहों पर लेटर भेज दिए गए हैं।

मुंबई के बाद अब राजस्थान में भी तीन दिनों के लिए मीट बिक्री पर लगा बैन
तस्वीर के लिए साभार: Christopher Walker/Wikipedia

जयपुर: मुंबई में एक तरफ मीट बैन को लेकर मामला गर्माता जा रहा है वहीं जैन समाज के त्योहारों के कारण अब मुंबई के बाद राजस्थान में भी तीन दिनों के लिए मीट बिक्री पर बैन लगा दिया गया है। 17 से 18 सितंबर को पर्यूषण पर्व और 27 को अनंत चतुर्दशी होने के कारण राजस्थान में मीट नहीं बेचने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के मद्देनजर  जिला कलेक्टर के साथ-साथ सभी जगहों पर लेटर भेज दिए गए हैं।

गौर हो कि जैन पर्व पर्यूषण को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा मांस की बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर बढ़ती तकरार के बीच शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना आदेश का उल्लंघन करते हुए व्यस्त दादर इलाके में मांस बिक्री के लिए स्टाल लगा रही है।

राज ठाकरे नेतृत्व वाली मनसे ने सांकेतिक प्रदर्शन के तौर पर मुर्गे का मांस बेचने के लिए एक स्टॉल लगाया है। शिवसेना र्कायकर्ताओं ने मुंबई में चार दिन 10, 13, 17 और 18 सितंबर को प्रतिबंध के लिए निकाय संस्था के नोटिस को फाड़ दिया। जैन समुदाय इस अवधि में धार्मिक उपवास करेंगे। बगल के मीरा भयंदर और नवी मुंबई निगमों ने भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया है।

भाजपा ने जहां प्रतिबंध का बचाव किया है वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना के साथ ही विपक्षी मनसे और कांग्रेस, राकांपा ने इस पर विरोध प्रकट करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा 2017 में अहम एमसीजीएम चुनावों के पहले वोटरों को धुव्रीकृत करने और समाज के एक धड़े के तुष्टीकरण की कोशिश कर रही है।

शिवसेना ने कहा , ‘क्या सिर्फ जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध ही अहिंसा है? हिंसा दिमाग में है और काम में है। क्या जैन भाई इस तरह की हिंसा से मुक्त हैं? शहर में कई जैन बिल्डर्स हैं जो काले और सफेद धन का खेल करते हैं। काला धन स्वीकार करना भी पाप है। क्या जैन इस पर्व के दौरान काला धन नहीं लेंगे।’’ इसमें कहा गया है कि यह सोचना कि केवल जैन ही शाकाहारी होते हैं यह गलत है।

शिवसेना ने कहा है कि महाराष्ट्र में ब्राह्मण, गुजरात में पटेल और माहेश्वरी, हरियाणा में वैष्णव, कर्नाटक और महाराष्ट्र सीमा पर लिंगायत और मध्यप्रदेश तथा राजस्थान के काफी हिस्से के लोग शाकाहारी हैं लेकिन किसी ने भी अब तक मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं की है। मुखपत्र में कहा गया है, ‘पर्यूषण के नाम पर महाराष्ट्र को नहीं भड़काया जाए। जीओ और जीने दो के सिद्धांत पर यकीन करो और लोग जो चाहे खाने दो।’ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी सुनिश्चित करेगी कि मांस की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं हो।

(एजेंसी इनपुट के साथ)