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Terrorist modus operandi:जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और इंटेलिजेंस ब्यूरो को पिछले कुछ महीनों से इनपुट मिल रहे थे कश्मीर मूल के कुछ पढ़े लिखे लोग जिनमे डॉक्टर भी शामिल है. वो डार्क वेब और सोशल मीडिया चैनलों पर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से संपर्क में हैं. एजेंसी को मिले इस इनपुट के बाद पुलिस ने डिजिटल ट्रेसिंग शुरू की उसी दौरान श्रीनगर में कुछ जिहादी पोस्टर और डिजिटल पम्फलेट सामने आए, जिन पर AGH का लोगो और 'Shariah for Kashmir' जैसे नारे थे.
'टेरर' लैब चला रहे थे डॉक्टर!
जांच में पाया गया कि इन पोस्टरों के पीछे तीन डॉक्टर थे. तीन डॉक्टरो का आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Gazwatul Hind) से संबंध था. इनमें से दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरा अब भी फरार बताया जा रहा है. गिरफ्तार डॉक्टरों में एक सहारनपुर से आदिल रदर, जो अनंतनाग का रहने वाला है, और दूसरा फरीदाबाद से मुज़ामिल शकील, जो पुलवामा का निवासी है. तीसरा डॉक्टर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है. सूत्रों के मुताबिक उसका नाम उमर बताया जा रहा है.
'जाकिर मूसा की सोच मरी नहीं'
सूत्रों का कहना है कि यह खुलासा कश्मीर में अंसार गजवत-उल-हिंद संगठन की दोबारा सक्रियता की ओर इशारा करता है. अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) एक अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन है, जिसकी स्थापना 2017 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के पूर्व कमांडर जाकिर मूसा ने की थी. इस संगठन का मकसद कश्मीर में शरीयत कानून पर आधारित इस्लामी राज्य की स्थापना और भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ना बताया जाता है.