प्रणब मुखर्जी के बाद रतन टाटा करेंगे आरएसएस प्रमुख के साथ मंच साझा, फिर तीखी बहस के आसार

देश के जानेमाने उद्योगपति रतन टाटा मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक मंच पर होंगे. आखिर क्या होगा इसका असर?

प्रणब मुखर्जी के बाद रतन टाटा करेंगे आरएसएस प्रमुख के साथ मंच साझा, फिर तीखी बहस के आसार
फाइल फोटो

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद अब देश के जानेमाने उद्योगपति और टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन टाटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख के साथ एक मंच पर दिखाई देने वाले हैं. रतन टाटा अगले महीने मुंगई में आरएसएस से जुड़े एक संगठन के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा करेंगे. 

खबरों के अनुसार मुंबई में अगले माह आरएसएस से जुड़ी संस्था नाना पालकर स्मृति समिति के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में रतन टाटा शामिल होंगे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस आयोजन को लेकर औपचारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि आयोजन 24 अगस्त को होने वाला है. इससे पहले राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी द्वारा आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने पर कांग्रेस नेताओं ने उनकी आलोचना की थी.

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नाना पालकर स्मृति एक एनजीओ है, जो गरीब मरीजों के लिए काम करता है. इस एनजीओ ने अपने सालाना कार्यक्रम में रतन टाटा के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत को आमंत्रित किया है. रतन टाटा के लिए ये पहला मौका नहीं होगा, जब वो मोहन भागवत के साथ होंगे. इससे पहले दिसंबर 2016 में टाटा ने संघ मुख्यालय में मोहन भागवत के साथ भेंट की थी. वो आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के स्मारक गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. 

नाना पालकर स्मृति का कार्यालय मुंबई स्थित टाटा कैंसर अस्पताल के पास ही है. टाटा के अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों की देखभाल नाना पालकर स्मृति में की जाती है. इस कारण टाटा समूह के साथ संस्था के रिश्ते पुराने हैं. इससे पहले बीते दिनों जब प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस प्रमुख के साथ मंच साझा किया था, तो कांग्रेस पार्टी सहित कई लोगों ने इसकी आलोचना की थी. इसलिए माना जा रहा है कि इस बार भी जब रतन टाटा आरएसएस प्रमुख के साथ मंच पर होंगे, तो इस पर तीखी बहस हो सकती है.