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पुलवामा हमले के बाद भारतीय नौसेना ने उठाया था ऐसा कदम, पाकिस्तान को लगा- हो जाएगा हमला

पाकिस्तान को एयर स्ट्राइक से करारा जवाब देने के बाद भारत ने समुद्र में भी पड़ोसी देश को घेरने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था. 

पुलवामा हमले के बाद भारतीय नौसेना ने उठाया था ऐसा कदम, पाकिस्तान को लगा- हो जाएगा हमला
सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना की चिंता इसलिए भी बढ़ गई थी, क्योंकि यह पनडुब्बी अपने क्षमता के अनुसार तीन दिनों में गुजरात के तट तक पहुंच सकती थी.

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर केवल एयर स्ट्राइक ही नहीं की थी. इस आतंकी हमले के बाद भारत ने नौसेना की कई परमाणु हथियारों से युक्त पनडुब्बियों और अन्य कई सबमरीन्स को पाकिस्तानी जल सीमा के पास तैनात कर दिया था. दरअसल, पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकियों के कई ठिकाने तबाह कर दिए थे. 

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, पाकिस्तान को एयर स्ट्राइक से करारा जवाब देने के बाद भारत ने समुद्र में भी पड़ोसी देश को घेरने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने नौसेना को अभ्यास से हटा लिया था और कई पनडुब्बियों समेत सबमरीन्स को पाकिस्तानी जल सीमा के पास आक्रमक तरीके से तैनात कर दिया था. भारतीय नौसेना के इस कदम के बाद पाकिस्तान को लग रहा था कि सीआरपीएफ काफिले पर हमले का बदला लेने के लिए भारत द्वारा जल सीमा पर भी हमले का आदेश दिया जा सकता है.

भारतीय नौसेना की तैनाती के बाद से ही पाकिस्तान की उच्च तकनीकी की अगोस्टा क्लास सबमरीन 'पीएनएस साद' पर नजर बनाए हुई थी. इन सबके बीच अचानक पाकिस्तान की यह सबमरीन अपनी जल सीमा से गायब हो गई थी. सूत्रों ने बताया कि पीएनएस साद नाम की यह पनडुब्बी कराची के पास से अचानक गायब हो गई थी. लंबे समय तक पानी के भीतर रहने की क्षमता वाली इस पनडुब्बी के गायब होने से भारतीय नौसेना की चिंता बढ़ गई थी. सूत्रों ने बताया कि पीएनएस साद की काफी खोजबीन करने के बाद यह 21 दिनों बाद पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में पाई गई थी. 

सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना की चिंता इसलिए भी बढ़ गई थी, क्योंकि यह पनडुब्बी अपने क्षमता के अनुसार तीन दिनों में गुजरात के तट तक पहुंच सकती थी. वहीं, पांच दिनों में यह पश्चिमी फ्लीट के मुख्यालय मुंबई पहुंच सकती थी. इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा था. भारतीय नौसेना ने पीएनएस साद को आखिरकार तलाश कर लिया था. यह पनडुब्बी पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में मिली थी.