ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी के लिए भारत और फ्रांस के बीच हुआ करार

आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत और फ्रांस ने अंतरराष्‍ट्रीय कार्यक्रम ‘मोबिलाइज योर सिटी (एमवाईसी)’ को लागू करने संबंधी समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं. 

ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी के लिए भारत और फ्रांस के बीच हुआ करार
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: भारत और फ्रांस ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसमें तहत नागपुर, कोच्चि तथा अहमदाबाद में शहरी परिवहन से संबंधित ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्‍सर्जन कम करने और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सतत परिवहन नीति में सुधार के लिए भारत को मदद देना है. आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत और फ्रांस ने अंतरराष्‍ट्रीय कार्यक्रम ‘मोबिलाइज योर सिटी (एमवाईसी)’ को लागू करने संबंधी समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं. इस समझौते पर हस्‍ताक्षर आवास तथा शहरी कार्य राज्‍य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्‍जेंडर जिग्‍लेर की उपस्थिति में किए गए. 

इस समझौते पर भारत की ओर से ओएसडी तथा आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय के पदेन संयुक्‍त सचिव मुकुन्‍द कुमार सिन्‍हा और एएफडी की ओर से क्षेत्रीय निदेशक एजेंसी फ्रेंकेस डी-डेवल्‍पमेंट (एएफडी) निकोल्‍स फोर्निज ने हस्‍ताक्षर किए. यह मोबिलाइज योर सिटी (एमवाईसी) एक अंतरराष्‍ट्रीय कार्यक्रम का हिस्‍सा है, जो फ्रांस और जर्मनी की सरकारों द्वारा समर्थित है. एमवाईसी का उद्देश्‍य तीन पायलट शहर-नागपुर, कोच्चि तथा अहमदाबाद में शहरी परिवहन से संबंधित ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्‍सर्जन कम करने में समर्थन देना और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सतत परिवहन नीति में सुधार के लिए भारत को मदद देना है.

तकनीकी सहायता गतिविधियों से कार्यक्रम के अंतर्गत चुने गए तीन पायलट शहरों के साथ-साथ आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भी लाभ मिलेगा. प्रस्‍तावित सहायता के प्रमुख घटकों में टिकाऊ शहरी परिवहन परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्‍वयन को समर्थन देना, शहरी आवाजाही के नियमन संचालन और नियोजन के लिए संस्‍थागत क्षमता को मजबूत बनाने में समर्थन तथा श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों के बारे में देश के अन्‍य शहरों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करना शामिल है.

(इनपुट-भाषा)