अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: सीबीआई ने दायर की चार्जशीट, पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी सहित 10 आरोपी

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 2004 से 2007 तक वायुसेना प्रमुख रहे त्यागी और अन्य आरोपियों ने अगस्ता वेस्टलैंड से रिश्वत लेकर कंपनी को 53 करोड़ डॉलर का ठेका हासिल करने में मदद की थी.

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: सीबीआई ने दायर की चार्जशीट, पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी सहित 10 आरोपी
एसपी त्यागी देश के सशस्त्र बलों की तीन शाखाओं में से किसी शाखा के पहले अध्यक्ष हैं, जिन्हें देश में गिरफ्तार किया गया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सीबीआई ने 3500 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी और नौ अन्य के खिलाफ शुक्रवार (1 सितंबर) को दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर किया. 72 वर्षीय त्यागी पहले वायु सेना प्रमुख हैं जिनके खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार या किसी आपराधिक मामले में आरोप पत्र दायर किया है. त्यागी के अलावा एजेंसी ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जे एस गुजराल के साथ पांच विदेशी नागरिकों समेत आठ अन्य के खिलाफ भी विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष आरोप पत्र दायर किया.

अदालत ने आरोप पत्र पर विचार करने के लिये छह सितंबर की तारीख निर्धारित की. आरोप पत्र में एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्तावेस्टलैंड भी एक आरोपी है. सीबीआई के मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर और दस्तावेज और संलग्नक दाखिल करने की संभावना है. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सौदे में सरकारी खजाने को 39.821 करोड़ यूरो (तकरीबन 2666 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिये समझौते पर आठ फरवरी 2010 को हस्ताक्षर हुए थे. 

आरोप पत्र में जिन अन्य लोगों को नामजद किया गया है उनमें त्यागी के चचेरे भाई संजीव उर्फ जूली, अधिवक्ता गौतम खेतान, कथित यूरोपीय बिचौलिया कार्लो गेरोसा, माइकल जेम्स, गुइदो हाश्के, अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पैग्लोलिनी और फिनमेकैनिका के पूर्व अध्यक्ष ग्यूसेप ओरसी शामिल हैं. उनके खिलाफ 450 करोड़ रुपये की ​कथित रिश्वतखोरी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आईपीसी के तहत अपराधों के लिये आरोप पत्र दायर किया गया है.

साल 2007 में सेवानिवृत्त हुए त्यागी, उनके चचेरे भाई संजीव और खेतान को पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. ये आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. सीबीआई ने इससे पहले आरोप लगाया था कि वायु सेना प्रमुख के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान त्यागी और उनकी मंजूरी से वायु सेना ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिये सर्विस सीलिंग की अनिवार्यता को 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दिया था, जिसका सुरक्षा बाधाओं और अन्य संबंधित कारणों की वजह से वह जोरदार विरोध कर रही थी.

उसने दावा किया कि सर्विस सीलिंग को घटाने से अगस्ता वेस्टलैंड दौड़ में आ गई अन्यथा उसके पास हेलिकॉप्टर बोली के लिये आवेदन जमा करने की योग्यता भी नहीं थी. सर्विस सीलिंग से आशय वह अधिकतम ऊंचाई है जिसपर आम तौर पर हेलिकॉप्टर उडान भरता है. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि अगस्ता वेस्टलैंड काम नहीं कर रहे इंजन से तुलनात्मक उड़ान परीक्षण करवाने में कामयाब रही और आखिरकार रक्षा मंत्रालय से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति का ठेका भी हासिल करने में सफल रही. ऐसा एस पी त्यागी के वायु सेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद सर्विस सीलिंग पर वायु सेना के अपने रुख में नरमी लाने की वजह से हो सका.

यह मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल पहला आरोप पत्र है, जिसे 2013 में घोटाले की जांच के लिये प्राथमिकी दर्ज किये जाने के तीन साल बाद दाखिल किया गया है. सीबीआई ने अपने आरोप में अदालत को सूचित किया है कि वह मॉरीशस, सिंगापुर, यूएई, ट्यूनीशिया, ब्रिटेन और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड जैसे देशों से 6.2 करोड़ यूरो (415.40 करोड़ रुपये) का धन आने का पता लगाने में सक्षम हुई है.

उसने आरोप लगाया है कि अवैध रिश्वत की रकम खेतान द्वारा बनाई गई मुखौटा कंपनियों के समूह के साथ यूरोपीय कंपनी के कई कंसल्टेंट अनुबंधों की आड़ में भारत लाई गई. सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में दावा किया कि ये अनुबंध सिर्फ लोकसेवकों के लिये अवैध रिश्वत की रकम को भुगतान के लिये अंतरित करने के उपाय थे. त्यागी से प्रतिक्रिया मांगने के प्रयास सफल नहीं रहे क्योंकि उन्होंने न तो कॉल रिसीव किया और न ही एसएमएस का जवाब दिया.

(इनपुट एजंसी से भी)