close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

कोलकाता में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारी जोरों पर, कोणार्क से लाई गई 2000 टन की मूर्ति

दुर्गा (Durga)पूजा को मात्र 14 दिन बाकी है और पूरे पश्चिम बंगाल में पूजा समिति और कलाकार जोर-शोर से पंडाल और मां दुर्गा (Durga)की मूर्ति को अंतिम रूप देने में जुड़े हैं. 

कोलकाता में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारी जोरों पर, कोणार्क से लाई गई 2000 टन की मूर्ति

कोलकाता,कमलाक्ष्य भट्टाचार्य​: दुर्गा (Durga)पूजा को मात्र 14 दिन बाकी है और पूरे पश्चिम बंगाल में पूजा समिति और कलाकार जोर-शोर से पंडाल और मां दुर्गा (Durga)की मूर्ति को अंतिम रूप देने में जुड़े हैं. उत्तर कोलकाता के अहिरीटोला सर्बोजनिन दुर्गा (Durga)उत्सव समिति इस साल 80 वर्ष पूरा करने जा रहे है और लोगों के लिए नए थीम में पंडाल सजा रहे हैं. 2018 में अपनी थीम से सभी को अचंभित कर दिया था. इस साल यहां की मुख्य अलंकार तन्मय चक्रवर्ती और समिति कुछ नया दिखाना चाहते हैं. 1100 शताब्दी में गुजरात की रानी अपने राजा की याद में समाज के लिए कुछ करने का निर्णय लिया था. उसके बाद उनके वो सारे काम लुप्त हो चुके थे.

जिसे 2014 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने जो खोज किया और देश में पानी को लेकर जो संकट चल रही है उसको लेकर इस साल, "अहिरीटोला सर्बोजनिन दुर्गा (Durga)उत्सव समिति"' लोगो के सामने ला रहे हैं. लेकिन मां दुर्गा (Durga)की मूर्ति को लेकर खास ध्यान दिया जा रहा है.

माँ दुर्गा (Durga)की ये मूर्ति का वजन 2000 टन है और पत्थर से बनाया गया है. मूर्ति उड़ीसा के भुवनेश्वर से लाया गया है. कोणार्क के सूर्य मंदिर को जिन लोगों ने बनाया था उन्हीं के वंश के लागों ने इस मूर्ति को भी बनाया है.