Air India ने की पायलटों की वेतन में कटौती की घोषणा, फैसले को लेकर नाराजगी

 सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने पायलटों की वेतन में कटौती का फैसला लिया है. कुछ पायलटों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने से का भी निर्णय लिया गया है. कंपनी के फैसले को लेकर पायलटों में नाराजगी है. 

Air India ने की पायलटों की वेतन में कटौती की घोषणा, फैसले को लेकर नाराजगी
फाइल फोटो

नई दिल्ली: सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने पायलटों की वेतन में कटौती का फैसला लिया है. कुछ पायलटों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने से का भी निर्णय लिया गया है. कंपनी के फैसले को लेकर पायलटों में नाराजगी है. दरअसल, एयर इंडिया ने पिछले बुधवार को ऐलान किया कि जिन कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन 25,000 रुपये से ज्यादा है, उनके भत्तों में 50 फीसदी तक की कमी की जाएगी. अन्य भत्ते भी काटे जाएंगे. 

एयर इंडिया ने कॉकपिट और केबिन क्रू के वेतन में कटौती करने का फैसला किया है. पायलट गिल्ड ने इसको लेकर सरकार और एयर इंडिया को पत्र लिखा है. पत्र के मुताबिक, "कोरोना महामारी में भी ड्यूटी के दौरान पायलटों की सेवा लगातार जारी थी लेकिन उनके वेतन में 60-70% एकतरफा और अवैध तरीके से कटौती की गई है. यह सही है कि महामारी ने विश्व स्तर पर अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और वेतन का एक हिस्सा लेना ठीक है लेकिन ड्यूटी ऑवर को लेकर पैसे काटना गलत कदम है." 

आपको बता दें कि एयर इंडिया यह ऐलान पहले ही कर चुकी है कि वह किसी भी कर्मचारी को नहीं निकालेगी. एयर इंडिया की तरफ से वेतन में 40 फीसदी तक कटौती की गई है. वहीं, दूसरी तरफ कॉकपिट क्रू यानी पायलटों का आरोप है कि उनके वेतन में 85 फीसदी तक की कटौती की गई है. पायलटों को फ्लाइंग भत्ते और स्पेशल पे समेत कुल 11 तरह के भत्ते मिलते हैं. इसमें 40 फीसदी की कटौती की गई है. नए आदेश के तहत चालू वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में (1 अप्रैल 30 सितंबर तक) एक पायलट को फ्लाइंग भत्ते के रूप में उतना ही मिलेगा जितना वह एक महीने में उड़ान भरेगा

यानी कि कंपनी की सूची में जितने पायलट फ्लाइंग के लिए उपलब्ध होंगे, उन्हें कम से कम 20 घंटे के उड़ान का भत्ता जरूर मिलेगा. अगर कोई इससे ज्यादा उड़ान भरता है तो उसे ज्यादा पैसे मिलेंगे. यह नियम 30 सितंबर तक लागू रहेगा. केबिन क्रू को लेकर जो आदेश जारी किया गया है, उसके मुताबिक फ्लाइंग समेत अन्य भत्ते में 20 फीसदी की कटौती की गई है. वे जितने घंटे काम करेंगे, उन्हें उतने पैसे मिलेंगे. पायलटों का कहना है कि प्रति घंटे फ्लाइंग चार्ज में 50 फीसदी की कटौती की गई है. पहले कम से कम 70 घंटे काम का वादा था जिसे घटाकर 20 घंटे कर दिया गया है. इसमें 70 फीसदी की कटौती की गई है. इस तरह वर्तमान वेतन के मुकाबले कुल कटौती 85 फीसदी के करीब हो गई है.  

यह भी गौरतलब है कि वर्तमान में एयर इंडिया वेतन पर हर महीने 230 करोड़ खर्च करती है. विमानन मंत्रालय और एयरलाइन के निदेशक मंडल द्वारा भत्ते को लेकर फैसला लिया गया है कि जिनका सकल मासिक वेतन 25 हजार तक है, उनके वेतन में कोई कटौती नहीं होगी.