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एयर इंडिया के चेयरमैन ने लिखा पत्र, प्रतिस्पर्धी माहौल में हो रही आर्थिक परेशानी

एयर इंडिया के चेयरमैन ने पत्र ऐसे समय में लिखा है जब कर्ज से लदी एयर इंडिया के विनिवेश के लिए अंतिम रूपरेखा पर काम चल रहा है.

एयर इंडिया के चेयरमैन ने लिखा पत्र, प्रतिस्पर्धी माहौल में हो रही आर्थिक परेशानी
सीएमडी लोहानी ने लिखा कि कंपनी पर लगे प्रतिबंध उन्हें आर्थिक रूप से विकलांग बना रहे हैं. (फाइल)

नई दिल्ली: एयर इंडिया के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी के निजीकरण और आर्थिक घाटे की पृष्ठभूमि को लेकर एक खुला पत्र लिखा है.

लोहानी ने लिखा, ''एयर इंडिया भारी देनदारियों के कारण बेहद खराब वित्तीय स्थिति से गुजर रही है. एक एयरलाइन होने के नाते हम अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में कार्य करते हैं. ऐसा वातावरण में हमारे प्रतियोगियों को आर्थिक और परिचालन रूप से रखी गई प्रक्रियाओं, प्रतिबंधों और निगरानी द्वारा विवश नहीं किया जाता है.

सीएमडी लोहानी ने लिखा कि कंपनी पर लगे प्रतिबंध उन्हें आर्थिक रूप से विकलांग बना रहे हैं.

एयर इंडिया के चेयरमैन ने पत्र ऐसे समय में लिखा है जब कर्ज से लदी एयर इंडिया के विनिवेश के लिए अंतिम रूपरेखा पर काम चल रहा है. विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी कह चुके हैं कि एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी गति से आगे बढ़ रही है.

एयर इंडिया पर फिलहाल करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें विमानों की खरीद और कार्यशील पूंजी के लिए गए दीर्घकालिक कर्ज भी शामिल हैं.

विनिवेश योजना की जानकारी रखनेवाले एक अधिकारी ने बताया, "अब एयर इंडिया पर महज 18,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. जब इसके लिए बोली आमंत्रित की जाएगी, तो उसमें खातों में 18,000 करोड़ रुपये का कर्ज ही दिखाया जाएगा."