AI-इंडियन एयरलाइन्स का विलय यूपीए सरकार का सामूहिक फैसला था: पटेल

एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्स के विवादास्पद विलय में भूमिका के लिए और दोनों विमानन कंपनियों द्वारा 111 विमानों की खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में सीबीआई पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की भूमिका की जांच कर सकती है जिसके संदर्भ में पटेल ने मंगलवार को कहा कि फैसले ‘बहुस्तरीय और सामूहिक’थे.

AI-इंडियन एयरलाइन्स का विलय यूपीए सरकार का सामूहिक फैसला था: पटेल
एयर इंडिया-इंडियन एयरलाइंस के विलय की सीबीआई करेगी जांच. फाइल फोटो

नई दिल्ली : एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्स के विवादास्पद विलय में भूमिका के लिए और दोनों विमानन कंपनियों द्वारा 111 विमानों की खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में सीबीआई पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की भूमिका की जांच कर सकती है जिसके संदर्भ में पटेल ने मंगलवार को कहा कि फैसले ‘बहुस्तरीय और सामूहिक’थे.

पटेल ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने 2013 में भी संबंधित विषय में प्रारंभिक जांच दर्ज की थी जिस समय संप्रग सत्ता में थी.

'विलय को ईजीओएम ने स्वीकृति दी थी'

उस समय लिये गये सभी फैसलों को बहुस्तरीय और सामूहिक बताते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘विमानों की खरीद के ऑर्डर को पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाले अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह (ईजीओएम) ने मंजूरी दी थी और विलय को प्रणब मुखर्जी की अगुवाई वाले ईजीओएम ने स्वीकृति दी थी.’राकांपा ने कहा, ‘दोनों फैसलों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी.’जांच एजेंसी ने दोनों सरकारी विमानन कंपनियों के संबंध में पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार द्वारा लिये गये विवादास्पद फैसलों के संदर्भ में सोमवार को तीन प्राथमिकी और एक प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थीं.

एयर इंडिया, नागर विमानन मंत्रालय और अन्य के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत मामले दर्ज किये गये थे.

2007 में इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में हुआ विलय

पटेल ने ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा, ‘मैं सीबीआई की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करना चाहता. इसमें किसी का नाम नहीं है.’उच्चतम न्यायालय ने वकील प्रशांत भूषण की अगुवाई वाले सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन द्वारा दाखिल याचिका पर पांच जनवरी को निर्देश दिया था जिस पर सीबीआई ने कार्रवाई की. विलय की प्रक्रिया 16 मार्च 2006 को पटेल ने शुरू की थी. उन्होंने तब विलय पर अवधारणा पत्र मांगा था. उसी साल 22 मार्च को प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया गया. बाद में ईजीओएम ने प्रस्ताव का अध्ययन किया था. विलय के प्रस्ताव को एक मार्च, 2007 को मनमोहन सिंह सरकार के मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी. इंडियन एयरलाइन्स का अप्रैल 2007 में आधिकारिक तरीके से एयर इंडिया में विलय हो गया.