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दिल्ली धमाके के बाद पहली बार सामने आई मस्जिद के इमाम की बीवी, 'आतंकी' डॉक्टरों का 'राज' खोला, मुजम्मिल का रुटीन भी बताया

Delhi Car blast: 10 नवंबर को दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद में डेरा जमाया हुआ है. उनकी जांच का इपिसेंटर है अल-फलाह यूनिवर्सिटी, जिसके दो डाक्टरों डॉ. मुजम्मिल, लेडी डॉ शाहीन सईद, यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक सहित एचआर विभाग में काम करने वाले जमील को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के चलते पकड़ा था.

दिल्ली धमाके के बाद पहली बार सामने आई मस्जिद के इमाम की बीवी, 'आतंकी' डॉक्टरों का 'राज' खोला, मुजम्मिल का रुटीन भी बताया

Delhi Blast news: दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद हिरासत में लिए गए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की पत्नी हसीना पहली बार कैमरे के सामने आई और अपने शौहर को लेकर सफाई दी है. इमाम की बीवी हसीना ने डॉक्टर नबी की मौत से पहले की कहानी सुनाते हुए बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने पहले उसके पति से मस्जिद में पहचान बनाई और फिर उनसे दूध खरीदना शुरू कर दिया. हसीना ने आगे कहा, 'डॉ. मुजम्मिल ने अपने दोस्त का सामान रखने की बात कहकर उनके फतेहपुरा तगा वाले घर में कमरा किराए पर लिया था'.

ईमाम की वाइफ ने खोला 'राज' घर से मिला था विस्फोटक जखीरा

मुजम्मिल ने 1500 रुपए महीने के हिसाब से एक कमरा किराए पर सामान रखने के लिए लिया था. उसने ये भी कहा कि उमर नबी भी रोज मस्जिद आता था. पुलिस ने इमाम इश्तियाक के फतेहपुर तगा वाले घर से 2540 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की थी. उस सामग्री को इमाम के मकान के कमरे से बरामद किया था. जिसको डॉ मुजम्मिल ने करीब 3 महीने पहले ही किराए पर लिया था. जबकि 360 किलो तबाही का सामान धौज गांव के एक अन्य कमरे से मिला था. वो दूसरा धौज वाले कमरे का रेंट 2400 रुपए डॉ. मुजम्मिल ने दिया था.

हसीना का खुलासा

इमाम की बीवी हसीना ने बताया कि साल 2008 में उसका इश्तियाक संग निकाह हुआ था. तब शौहर दो हजार रुपये महीना पगार पर मस्जिद का इमाम बना था. इमाम इश्तियाक को हिरासत में लिए जाने के बाद गांव भीमा पहाड़ी की रहने हसीना ने बताया कि इश्तियाक साल 2005 में यहां पर आकर रहने लगा था. तब यूनिवर्सिटी की तरफ से मस्जिद में रहने और काम करने के 2 हजार रुपए मासिक मिलते थे. उनके 2 बेटियां और 2 बेटे हैं. सबसे बड़ी बेटी की उम्र 16 साल की है, जबकि सबसे छोटे बेटे की उम्र 7 साल है.

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हसीना ने कहा इश्तियाक 'हाफिज' है जिसे कुरान मुंह जुबानी याद है. वो 20 साल से यूनिवर्सिटी की उस मस्जिद में नमाज अदा करा रहा है. वो मूलरूप से नूंह के सिंगार गांव का रहने वाला है. यूनिवर्सिटी अभी उसे 10 हजार रुपए मासिक वेतन दे रही थी.

डॉ. मुजम्मिल से जान-पहचान हुई

हसीना ने बताया कि दो-तीन साल से मुलाकात होने के कारण उनके शौहर की डॉ. मुजम्मिल से जान-पहचान हुई. मुजम्मिल ने करीब 5 महीने पहले इश्तियाक से किराए के लिए कमरे की बात की थी. जिस पर इश्तियाक ने अपने गांव में बने घर के कमरे को किराए पर देने की पेशकश की. हालांकि कमरे का कोई किराया तय नहीं किया गया था. उसने बताया कि मुजम्मिल का घर दिखाकर उसकी चाबी दे दी. इसके बाद वो गांव में घर को देखने नहीं गया.

'दूध का शौकीन आतंकी डॉक्टर'

इमाम के घर से ही डॉक्टरों को दूध की सप्लाई होती थी. हसीना ने ये भी बताया कि उसके घर से यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को रोजाना 5 से 6 किलो दूध सप्लाई होता था. डॉ. मुजम्मिल भी दूध लेते थे. पिछले करीब 20 दिनों से डॉ. मुजम्मिल दूध लेने के लिए नहीं आ रहा था. बताया जा रहा है कि इस दौरान डॉ. मुजम्मिल छुट्टी लेकर पुलवामा गया था.

2 हजार रुपए गज में जमीन खरीदी

हसीना ने बताया कि कई साल पहले उन्होंने 2 हजार रुपए प्रति गज के हिसाब से फतेहपुर तगा में 100 गज जमीन खरीदी थी. साल 2012 में उन्होंने इस मकान का निर्माण कराया था. 10 नवंबर को उनके पति सुबह 6 बजे खेतों में काम करने गए थे, जिसके बाद वह खुद भी खेत गई थी. खेत में आधा किले में काम करने के बाद, वह सुबह साढ़े दस बजे घर लौटी ही थी कि कुछ देर बाद पुलिस की 10 से 12 गाड़ियां आईं और इश्तियाक को अपने साथ ले गईं.

यूनिवर्सिटी की जमीनों की जांच के आदेश

पैमाइश शुरू जिला प्रशासन ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीनों के जांच के आदेश दिए हैं. जिसको लेकर जमीन की पैमाइश की जा रही है. शुक्रवार को रेवेन्यू विभाग की कर्मचारी पहुंचे थे. इसके साथ डीटीपी विभाग की टीम भी यूनिवर्सिटी पहुंची. रेवेन्यू विभाग के पटवारियों के द्वारा मशीन लगाकर पैमाइश की जा रही है. अल-फलाह यूनिवर्सिटी 73 एकड़ में बनी हुई है.

पिछले साल मई में डॉ. उमर ने जॉइन किया दिल्ली ब्लास्ट में कार में विस्फोट करके खुद को उड़ाने वाले डॉ उमर नबी ने 7 मई 2024 को अल फलाह यूनिवर्सिटी में जॉइन किया था. डॉ. नबी भी रोजाना मस्जिद में नमाज अदा करने आता था. डॉ. नबी 30 अक्तूबर से यूनिवर्सिटी से गायब था. जिसने 10 अक्टूबर को लाल किला के सामने कार में विस्फोट किया.

यूनिवर्सिटी खाली, डॉक्टर भी कम दिखे

स्टूडेंट्स घर लौटे शुक्रवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के काफी स्टूडेंट्स घर लौट गए हैं. हालांकि वीक एंड पर कई बच्चे घर चले जाते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या ज्यादा रही. यूनिवर्सिटी कैंपस में लगातार जांच एजेंसियों की आवाजाही है. कई पेरेंट्स खुद बच्चों को लेने पहुंचे.

डॉक्टर शाहीन की फोटो का राज

इस बीच डॉक्टर शाहीन की एक फोटो वायरल हो रही है. जानकारी के मुताबिक वो दुबई फरार होने की तैयारी में थी. उसने वीजा अप्लाई किया था. जिसके लिए पुलिस ने कुछ समय पहले उसकी फोटो वेरिफिकेशन के लिए ली थी.

सूत्रों के अनुसार, यह फोटो कमरा नंबर 29 में एक पुलिस अधिकारी द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत ली गई थी. जांच टीम को शक है कि वीज़ा की यह तैयारी विदेश भागने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है. एजेंसियों का कहना है कि धमाकों के बाद उसने देश से बाहर जाने की योजना बनाई थी, ताकि गिरफ्तारी से बच सके.

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Shwetank Ratnamber

जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई और पॉलिटिकल साइंस में भी ग्रेजुएशन. 21 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. राजनीतिक खबरों से ख़ास लगाव. फिलहाल ज़ी न्यूज (...और पढ़ें

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