भारतीय जवान की सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे: राजनाथ

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए भारतीय जवान की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि सरकार ने उन सभी खबरों का संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है एक भारतीय जवान पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने कहा, ‘जवान की सुरक्षित रिहाई के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।’ गृहमंत्री ने यह भी कहा कि नई दिल्ली जवान की जल्द रिहाई का मुद्दा इस्लामाबाद के समक्ष उठाएगी।

भारतीय जवान की सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे: राजनाथ

नई दिल्ली : गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए भारतीय जवान की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि सरकार ने उन सभी खबरों का संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है एक भारतीय जवान पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने कहा, ‘जवान की सुरक्षित रिहाई के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।’ गृहमंत्री ने यह भी कहा कि नई दिल्ली जवान की जल्द रिहाई का मुद्दा इस्लामाबाद के समक्ष उठाएगी।

भारतीय सेना के सूत्रों ने कल बताया था कि ‘37 आरआर का हथियार से लैस एक जवान गलती से सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंच गया है। सैन्य अभियानों के महानिदेशक ने हॉटलाइन के जरिए पाकिस्तान को यह जानकारी दे दी है।’ सूत्रों ने बताया कि जवान द्वारा सीमा पार करने का लक्षित हमलों से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘सेना के जवानों या आम नागरिकों द्वारा गलती से सीमा पार करना दोनों ही ओर से असामान्य बात नहीं है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत उन्हें लौटा दिया जाता है।’ भारतीय सेना ने पाकिस्तानी मीडिया में आ रही उन खबरों को ‘गलत और आधारहीन’’ बताते हुए खारिज कर दिया था जिसमें कहा जा रहा था कि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सेना ने भारत के आठ जवानों को मार दिया है और एक को पकड़ लिया है।

भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा, ‘पाकिस्तानी मीडिया के कुछ हलकों में आ रही आठ भारतीय जवानों की मौत की खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं।’ पाकिस्तान के डॉन अखबार के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि तत्तापानी में नियंत्रण रेखा पर पहली रक्षा पंक्ति पर भारत की ओर से गोलीबारी के जवाब में उसने आठ भारतीय जवानों को मार गिराया है जबकि एक को पकड़ लिया है। भारत ने नियंत्रण रेखा के पार सात आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को ‘भारी नुकसान’ पहुंचाया था।