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इंजीनियर्स डे और एम विश्‍वेश्‍वरैया के बारे में यहां जानें प्रमुख बातें

Engineers day: आज देश मना रहा है इंजीनियर्स डे. आज ही होता है एम विश्वेश्वरैया का जन्मदिन.

इंजीनियर्स डे और एम विश्‍वेश्‍वरैया के बारे में यहां जानें प्रमुख बातें
एम विश्‍वेश्‍वरैया का आज है जन्‍मदिन. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली (गरिमा शर्मा): भारत में हर साल 15 सितंबर को 'इंजीनियर्स डे' के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भारत के अब तक के सबसे महान इंजीनियरों में से एक इंजीनियर एम विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर में हुआ था. भारत में इंजीयिरिंग क्षेत्र में हुए विकास में उनका अहम योगदान रहा. 

विश्‍वेश्‍वरैया की प्रमुख बातें
एम विश्वेश्वरैया एक महान इंजीनियर होने के साथ-साथ बहुत साधारण व्यक्ति थे. ये एक आदर्शवादी और अनुशासन वाले व्यक्ति थे. मैसूर में जन्म होने के कारण उन्होंने मैसूर में लड़कियों के लिए अलग से हॉस्टल और पहला फर्स्ट ग्रेड कॉलेज (महारानी कॉलेज) खुलवाया. जिससे कि लड़कियां भी शिक्षा के क्षेत्र से अछूती ना रहें. उन्हीं के प्रयासों से ही कृष्णराज सागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील वर्क्स, मैसूर संदल आइल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्‍वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर का निर्माण हो पाया था.

जीवन की कई अनसुनी बातें

1. विश्वेश्वरैया समय के बहुत पाबंद थे, वह 1 मिनट भी कहीं लेट नहीं होते थे. उनके लिए काम ही पूजा थी.

2. लोग उनके पहनावे से जरूर प्रभावित होते थे.

3. वह हर काम को परफेक्शन के साथ करते थे, जिसकी वजह से उन्हें परफेक्शनिस्ट भी कहा जाता था.

 

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4. वह अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी लोकप्रिय थे, यहां तक कि वह 92 साल की उम्र में भी बिना किसी के सहारे के चलते थे और सामाजिक तौर पर एक्टिव भी थे.

5. उनके द्वारा शुरू की गई बहुत सी परियोजनाओं के कारण भारत आज गर्व महसूस करता है.

इंजीनियर्स डे मनाने की वजह
15 सितंबर को हर साल एम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है. एम विश्वेश्वरैया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और भारत में जल संसाधनों के दोहन में महान उपलब्धि के लिए लोकप्रिय थे. उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की विधा का बखूबी इस्तेमाल करते हुए नदियों पर बांध बनाने, ब्रिज बनाने और पीने के पानी की स्कीम तैयार करने जैसी कई योजनाओं को कामयाब बनाने में अपना अविस्‍मरणीय योगदान दिया और उनके इसी योगदान के चलते उन्हें 1955 में 'भारत रत्न' से भी नवाजा गया.

भारत इंजीनियरिंग और आईटी के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश है. इसलिए भारत में युवा विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करना ही इसका सबसे बड़ा उद्देश्‍य है. एक महान इंजीनियर देश को समृद्ध और विकसित बनाने में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसी वजह से अब भारत में भी कई विषयों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाई जाती है.

पीएम मोदी ने किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए उन्हें क्षद्धा सुमन अर्पित किया और इस मौके उन्होंने देश के सभी इंजीनियर को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने सभी  इंजीनयर्स को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट कर लिखा , 'इंजीनियर परिश्रम और दृढ़ संकल्‍प का ही एक रूप होते हैं. मानवीय प्रगति उनके अनोखे उत्‍साह के बिना अधूरी है. इंजीनियर्स डे पर देश के सभी परिश्रमी इंजीनियर्स को हार्दिक शुभकामनाएं.