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Amarnath yatra 2019: CRPF-J&K पुलिस के जिम्मे है सुरक्षा व्यवस्था

केंद्र ने अमरनाथ यात्रा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीआरपीएफ ने 40,000 अतरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है. इसके इलावा जम्मू कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और एसएसबी के जवानों की तैनाती होगी. एक अनुमान के तहत जम्मू से लेकर गुफा तक, पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर करीब 60 हज़ार सुरक्षाबल तैनात रहेंगे. 

Amarnath yatra 2019: CRPF-J&K पुलिस के जिम्मे है सुरक्षा व्यवस्था
Amarnath yatra 2019 : यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा 2019 (Amarnath yatra 2019) रविवार से शुरू हो चुकी है. जम्मू से पहला जत्था रविवार तड़के रवाना हो चुका है. यात्रा को देखते हुए बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. दक्षिण कश्मीर के हिमालय की पहाड़ियों में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा की गुफा की 40 दिन की यात्रा दोनों मार्गों से शुरू हुई है. 

सुरक्षा का ज़्यादातर ज़िम्मा सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस को सौंपा गया है. सीआरपीएफ के कश्मीर के आईजी रविदीप सहाई ने कहा 'अमरनाथ यात्रा हमारे लिए एक बड़ा इवेंट होता है, यात्रा के लिए एक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सेना, पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ ने मिलाकर कॉर्डिनेटेड सुरक्षा व्यवस्था की है. जिसमें जम्मू से लेकर पवित्र गुफा तक दोनों रास्तों पर कड़े सुरक्षा के प्रबंध किये गए है. दिन रात गश्त होगी, हमारा लक्ष्य है कि यात्रा ठीक से संपन्न हो.

केंद्र ने अमरनाथ यात्रा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीआरपीएफ ने 40,000 अतरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है. इसके इलावा जम्मू कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और एसएसबी के जवानों की तैनाती होगी. एक अनुमान के तहत जम्मू से लेकर गुफा तक, पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर करीब 60 हज़ार सुरक्षाबल तैनात रहेंगे. 

यात्रा को सुरक्षित और सरल करने के लिए नवीनतम तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया किया जा रहा है. सुरक्षा जो सबसे बड़ी चुनौती रहती है, के लिए सेना, सीआरपीएफ, एसएसबी, बीएसएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस को तीर्थयात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने का काम सौंपा गया है.

सीआरपीएफ के कश्मीर के आईजी रविदीप सहाई ने कहा, 'सुरक्षा में टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा योगदान होता है, इसलिए हमने इसे अपग्रेड किया है, जिसमें RFID (रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफ़िकेशन) गाड़ियों के ऊपर लगी होगी, जितने भी यात्री आएंगे उनकी टैगिंग होगी. इससे यात्रियों की पोज़िशन पता रहेगी. इसके अलावा यूएवी, सीसीटीवी कैमरा का इस्तमाल किया जा रहा है. आईपी बेस्ड कैमरे का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे लाइव फीड मिलती रहेगी.'

गांदेरबल ज़िले के एसएसपी खलील पोसवाल ने कहा, 'सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है, पिछले साल से ज्यादा तैनाती है. गांदेरबल से एक लम्बा स्ट्रेच है, क्योंकि इस रास्ते से चढ़ाई कम है, इसलिए इस रास्ते से यात्री ज्यादा होंगे.'

मौसम विभाग के निर्देशक सोनम लोटस के मुताबिक 'मौसम यात्रा के दौरान पीक पर होगा क्योंकि यात्रा जुलाई अगस्त में है. मानसून पीक पर होता है. हर साल हम यात्रा कस्टमइजड फोरकास्ट दते हैं. हर रास्ते जम्मू से लेकर गुफा तक, इस बार भी फोरकास्ट करेंगे. हमने कुछ नए उपकरण लगाए हैं. ऑटोमैटिक वेदर फोरकास्ट सिस्टम लगाए हैं. हर साल कुछ नया करते आए करते हैं.'

सीआरपीएफ के कश्मीर के आईजी रविदीप सहाई ने कहा, 'जब भी कोई सुरक्षा प्लान बनता है, उसमें डिजास्ट एंगल पर भी सोचा जाता है. नुनवन बेस कैंप निदेशक अमित शर्मा ने कहा, 'हमने पूरी व्यवस्था की है. दुकानें लगाई है. टेंट लगाए हैं. चिकित्सा की सुविधाएं, एटीएम, बस सर्विस हर तरह की सुविधा राखी गई है, हम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.'